Breaking News
  • उत्तर प्रदेश में 20 हजार पदों पर आउटसोर्स भर्तियां होंगी, 426 करोड़ बजट बढ़ा
  • कुबेरेश्वर में 14 फरवरी से रुद्राक्ष महोत्सव- रुद्राक्ष नहीं बंटेंगे, पहली बार 2.5 किमी का पैदल कॉरिडोर
  • विदिशा में 30 फीट गहरे तालाब में गिरी कार, 3 बारातियों की मौत 7 घायल
  • राजस्थान- शादी समारोह में एसिड पीने से 4 की मौत, मृतकों में तीन महिलाएं भी शामिल
  • प्रधानमंत्री ऑफिस आज सेवा तीर्थ में शिफ्ट होगा, साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट मीटिंग
  • टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी जीत:, 47वीं बार 200+ स्कोर बनाया
  • बांग्लादेश चुनाव में BNP की जीत पर PM मोदी ने तारिक रहमान को बधाई दी
  • दिल्ली के कई स्कूलों को बम की धमकी, पुलिस ने जांच शुरू की

होम > प्रदेश > मध्य प्रदेश

"शिलान्यास पत्थर पर नाम नहीं था..." नाराज़ नगर पालिका उपाध्यक्ष ने की तोड़फोड़, VIDEO वायरल

"शिलान्यास पत्थर पर नाम नहीं था..." नाराज़ नगर पालिका उपाध्यक्ष ने की तोड़फोड़, VIDEO वायरल

"शिलान्यास पत्थर पर नाम नहीं था" नाराज़ नगर पालिका उपाध्यक्ष ने की तोड़फोड़ video वायरल

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना में शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान एक हैरान करने वाली घटना सामने आई। वीर सावरकर वार्ड में बन रही सड़क के भूमि पूजन में नाम न होने से नाराज़ नगर पालिका उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैया ने गुस्से में आकर शिलान्यास पत्थर को तोड़ दिया। यह घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

CMO पर लगाया अनदेखी का आरोप

यह पूरी घटना श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के पास उस समय हुई जब 15.60 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सड़क के भूमि पूजन के दौरान शिलान्यास पत्थर का अनावरण किया गया। पत्थर पर अपना नाम न देखकर नगर पालिका उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैया गुस्से में आ गए। मौके पर ही पूजन के लिए लाई गई कुदाल से शिला तोड़ दी। उपाध्यक्ष बिलगैया ने नगर पालिका CMO रामप्रकाश जगनेरिया पर जानबूझकर अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें हर शासकीय कार्यक्रम में नजरअंदाज किया जाता है जो अब बर्दाश्त से बाहर है।

“पद और सम्मान का अपमान है नाम न होना” – उपाध्यक्ष बिलगैया



नगर पालिका उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैया ने कहा कि शिलान्यास पत्थर पर उनका नाम न होना उनके पद और सम्मान का अपमान है। घटना के बाद मामला गरमाया तो विधायक निर्मला सप्रे और नगरपालिका अध्यक्ष लता सकवार ने भी उपाध्यक्ष का समर्थन किया। दोनों ने सीएमओ से साफ कहा कि शिलान्यास पर उपाध्यक्ष का नाम न होना गलत है। स्थिति को शांत करने के लिए बाद में दोबारा शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया।