एमपी हाईकोर्ट ने MPRTC कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों जैसा वेतन और एरियर देने का आदेश दिया। 5वें, 6ठे और 7वें वेतनमान लागू होंगे।
भोपाल: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने परिवहन निगम कर्मचारियों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम (MPRTC) के कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों के समान वेतनमान, महंगाई भत्ता और अन्य वित्तीय लाभ दिए जाएं।
1988 के समझौते के आधार पर फैसला
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि फरवरी 1988 में हुए समझौते के तहत परिवहन निगम कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों के बराबर लाभ मिलना चाहिए। यह फैसला कर्मचारियों की लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई के बाद आया है।
5वें, 6ठे और 7वें वेतनमान का लाभ
अदालत ने प्रबंध निदेशक द्वारा 22 दिसंबर 2014 को जारी उस आदेश को भी खारिज कर दिया, जिसमें कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों पर रोक लगा दी गई थी। कोर्ट ने इसे अनुचित मानते हुए निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान के तहत 5वें, 6ठे और 7वें वेतन आयोग के लाभ दिए जाएं। इसके साथ ही महंगाई भत्ता (DA) और बकाया एरियर का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए।
शासन और प्रबंधन को निर्देश
न्यायालय ने राज्य शासन और निगम प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे आदेश जारी करें, जिससे कर्मचारियों को समय पर वेतन और अन्य लाभ मिल सकें। इस फैसले के बाद संबंधित अधिकारियों को अभ्यावेदन भी भेज दिया गया है, ताकि आदेश का जल्द पालन हो सके।
हजारों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
इस निर्णय से परिवहन निगम के हजारों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से वे वेतन विसंगतियों और बकाया भुगतान की मांग कर रहे थे। यह फैसला कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है और इससे उनके आर्थिक हालात में सुधार आने की संभावना है।