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MPPSC Exam 2026 New Rules and Negative Marking

26 अप्रैल को MPPSC परीक्षा नए नियमों के साथ, 90 मिनट पहले पहुंचना होगा सेंटर

एमपीपीएससी परीक्षा 2026 में नए नियम लागू होंगे। अब 90 मिनट पहले सेंटर पहुंचना होगा, थ्री लेयर सुरक्षा जांच होगी और पहली बार नेगेटिव मार्किंग लागू की गई है।


26 अप्रैल को mppsc परीक्षा नए नियमों के साथ 90 मिनट पहले पहुंचना होगा सेंटर

इंदौर: Madhya Pradesh Public Service Commission की प्रारंभिक परीक्षा इस बार नए नियमों और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ आयोजित की जाएगी। 26 अप्रैल को होने वाली परीक्षा में पहली बार नेगेटिव मार्किंग लागू की गई है, वहीं अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर 90 मिनट पहले पहुंचना अनिवार्य किया गया है। आयोग के अनुसार, इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।

थ्री लेयर सुरक्षा जांच से गुजरना होगा

नई गाइडलाइन के तहत सभी अभ्यर्थियों को तीन स्तर की सुरक्षा जांच से गुजरना होगा। प्रत्येक उम्मीदवार को इसमें 5 से 7 मिनट का समय लग सकता है, इसी कारण रिपोर्टिंग टाइम बढ़ाया गया है। जांच की प्रक्रिया इस प्रकार होगी-

  • क्यूआर कोड स्कैनिंग: प्रवेश के समय एडमिट कार्ड की जांच होगी, जिसमें क्यूआर कोड स्कैन कर अभ्यर्थी की जानकारी सत्यापित की जाएगी।
  • बायोमैट्रिक सत्यापन: आई स्कैन, फिंगरप्रिंट, फेस पहचान और डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
  • फ्रिस्किंग जांच: मेटल डिटेक्टर और मैन्युअल जांच से सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई प्रतिबंधित वस्तु अंदर न जाए।

परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले ही केंद्र के गेट बंद कर दिए जाएंगे।

पहली बार लागू हुई नेगेटिव मार्किंग

इस वर्ष परीक्षा में पहली बार गलत उत्तर पर अंक काटने की व्यवस्था लागू की गई है। हर सही उत्तर के लिए 3 अंक मिलेंगे, हर गलत उत्तर पर 1 अंक (एक-तिहाई) काटा जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे केवल गंभीर तैयारी करने वाले अभ्यर्थी ही आगे बढ़ सकेंगे।

भर्ती और परीक्षा से जुड़ी मुख्य जानकारी

  • राज्य सेवा परीक्षा के लिए 155 पद
  • राज्य वन सेवा के लिए 36 पद
  • करीब 1.35 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया
  • 54 जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्र
  • एडमिट कार्ड 16 अप्रैल से जारी होंगे

परीक्षा का समय

  • पहला पेपर: सुबह 10 से 12 बजे (सामान्य अध्ययन)
  • दूसरा पेपर: दोपहर 2:15 से 4:15 बजे (सामान्य अभिरुचि)

नए नियमों से पारदर्शिता पर जोर

परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सख्ती बढ़ी है। नई व्यवस्था से फर्जीवाड़ा, डमी कैंडिडेट और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर रोक लगेगी। साथ ही नेगेटिव मार्किंग से अनुमान के आधार पर उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को नुकसान होगा, जिससे चयन प्रक्रिया की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है।

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