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MP Tiger Deaths: Conflict Rising Concern

ठिकाने की जंग में ढेर हो रहे बाघ जंगल घटे तो बढ़ा आपसी संघर्ष

मध्यप्रदेश में 2014 से 2025 के बीच 192 बाघों की मौत हुई। 30 प्रतिशत मौतें आपसी संघर्ष में हुईं। बढ़ती संख्या और घटते जंगल क्षेत्र के कारण बाघों में टकराव बढ़ रहा है।


ठिकाने की जंग में ढेर हो रहे बाघ जंगल घटे तो बढ़ा आपसी संघर्ष

वर्ष 2014 से 2025 के बीच देश में मप्र में सर्वाधिक 192 मौतें, आपसी द्वंद्व में 30 फीसदी मौतें

टाइगर स्टेट मप्र में बाघ एक दूसरे के दुश्मन बन रहे हैं। बाघों की सर्वाधिक मौते आपसी संघर्ष में होती है। क्योंकि जिस अनुपात में यहां बाघ बढ़ रहे हैं, उस अनुपात में प्रदेश में जंगल नहीं बढ़ सके हैं। लिहाजा अपने लिये सुरक्षित नया ठिकाना बनाने के आपसी लड़ाई में बाघ मर रहे हैं। वन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 2014 से 2025 के बीच देश सर्वाधिक 192 प्रकृति मौतें मध्यप्रदेश में हुई हैं। इसमें 30 प्रतिशत से अधिक बाघों ने आपसी लड़ाई में जान गंवायी है। इनमें सबसे ज्यादा वयस्क बाघ है। यह कुल मृत बाघों की संख्या का 62.5 प्रतिशत है। 21.9 प्रतिशत शावक भी इसके शिकार बन जाते है।

इस संदर्भ में खास बात ये है कि एक बाघ को 50 से 100 वर्ग किमी का जंगल क्षेत्र चाहिए, जिसमें वह स्वाभाविक तौर पर घूमता है। यह भूमि सिकुड़ने लगी है। बढ़ती संख्या के इतर शावकों और बाघों की मौतों को देखते हुए पर्यावरणविद् वन भूमि विस्तार पर जोर दे रहे हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ सुदेश बाघमारे जंगल क्षेत्र का विस्तार समाधान की दृष्टि से कारगर है। उनका कहना है कि बाघ अपनी प्रकृित अनुसार क्षेत्र विस्तार की प्रकृित नहीं छोड़ेगा, लेकिन बढ़ा हुआ जंगल बाघों मौते के आंकड़े कम जरूर करेगा।

पार्क क्षेत्रफल के अनुसार मृत बाघों की संख्या

पार्क | कोर | बफर | कुल | मृत बाघ | कुल बाघ संख्या
बांधवगढ़ | 716.90 | 820.03 | 1,536.93 | 101 | 104
कान्हा | 917.43 | 1,134.36 | 2,051.79 | 79 | 61
पेंच | 411.33 | 768.30 | 1,179.63 | 39 | 61
पन्ना | 576.13 | 1,021.97 | 1,598.10 | 19 | 25
संजय-डुबरी | 812.57 | 861.93 | 1,674.50 | 14 | 5
सतपुड़ा | 1,339.26 | 794.04 | 2,133.31 | 11 | 40

(नोट: क्षेत्र वर्ग किमी में)

मादा से चार गुना अधिक परिक्षेत्र बनाता है नर बाघ

विशेषज्ञों के अनुसार, मादा के मुकाबले नर बाघ चार गुना अधिक परिक्षेत्र (टेरिटरी) बनाता है। एक नर बाघ न्यूनतम 50 और अधिकतम 100 वर्ग किमी तक टेरिटरी बना सकता है। वहीं, एक मादा बाघ न्यूनतम 15 वर्ग किमी और अधिकतम 20 वर्ग किमी तक क्षेत्र बनाने की क्षमता रखती है।

बाघ मृत्यु के कारण

प्राकृतिक: 192
अप्राकृतिक: 13
अंडर सिक्योरिटी: 114
पोचिंग: 81
सीजर: 23

टाइगर स्टेट मध्यप्रदेश में हैं 785 बाघ

मध्यप्रदेश देश का टाइगर स्टेट है। वर्ष 2022 में हुई अखिल भारतीय बाघ गणना रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में कुल 785 बाघ हैं। इनमें से 563 बाघ टाइगर रिजर्व में मौजूद हैं, जबकि 222 बाघ अभयारण्य एवं टाइगर रिजर्व (संरक्षित क्षेत्र) से बाहर पाए जाते हैं। यही कारण है कि देश में मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा मिला हुआ है।


 

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