Breaking News
  • यूपी के मिर्जापुर में सड़क हादसा, 11 की मौत, बोलेरो और कार ट्रक-ट्राले से टकराईं
  • उत्तराखंड: विधि-विधान के साथ आज खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट
  • भारत के साथ जल्द सबमरीन डील साइन कर सकता जर्मनी: रक्षा मंत्री
  • तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की वोटिंग
  • बंगाल: ममता बनर्जी के खिलाफ बीजेपी ने की आचार सहिंता उल्लंघन की शिकायत
  • बारामती: वोट डालने से पहले डिप्टी CM सुनेत्रा ने अजित पवार के स्मारक पर दी श्रद्धांजलि

होम > प्रदेश > मध्य प्रदेश

MP RTE Admission 2026: 94K Students Enrolled

MP में गरीब परिवार के 94 हजार बच्चों को अपनी पसंद के 20 हजार स्कूलों में मिला प्रवेश

मध्य प्रदेश में आरटीई के तहत 94 हजार बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिला। 25 अप्रैल तक आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई गई, कई स्कूलों में अब भी कम दाखिले।


mp में गरीब परिवार के 94 हजार बच्चों को अपनी पसंद के 20 हजार स्कूलों में मिला प्रवेश

अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के तहत मध्य प्रदेश के 20 हजार निजी स्कूलों में नर्सरी या कक्षा एक में नामांकन करा लिया गया है। ये सभी बच्चे गरीब और वंचित समूह के परिवारों से जुड़े हैं। लॉटरी से आवंटित स्कूलों में बुधवार तक लगभग एक लाख छह हजार में से करीब 94 हजार बच्चों ने अपनी पसंद के निजी स्कूलों में प्रवेश ले लिया है। वहीं भोपाल जिले के लगभग 1200 स्कूलों में 5500 बच्चों को प्रवेश मिल चुका है।

राज्य शिक्षा केंद्र इस बार निर्धारित समय पर प्रवेश के आंकड़ों को लेकर उत्साहित है। केंद्र ने शत-प्रतिशत प्रवेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 अप्रैल कर दी है। इससे पहले प्रवेश की अंतिम तिथि 15 अप्रैल थी, लेकिन उस समय तक केवल लगभग 45 प्रतिशत बच्चे ही प्रवेश ले पाए थे। कम संख्या को देखते हुए केंद्र ने अभिभावकों की सुविधा के लिए अंतिम तिथि बढ़ाई, जिसका लाभ अब देखने को मिल रहा है।

शेष बच्चों को द्वितीय चरण में मिलेगा अवसर

केंद्र के प्रवक्ता अमिताभ अनुरागी ने बताया कि प्रथम चरण की लॉटरी में जिन बच्चों को किसी भी स्कूल में सीट आवंटित नहीं हुई है, उन्हें शासन स्कूलवार रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए दूसरा अवसर देगा। इसके लिए द्वितीय चरण के आवेदन शुरू होने पर अभिभावक पोर्टल पर प्रदर्शित स्कूलों में उपलब्ध रिक्त सीटों के अनुसार अपनी वरीयता दर्ज कर सकेंगे। प्रवेश के बाद इन बच्चों की फीस सरकार सीधे स्कूलों के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करेगी।

वरीयता के आधार पर स्कूलों का हुआ आवंटन

राज्य शिक्षा केंद्र ने ऑनलाइन लॉटरी के जरिए कुल 1.78 लाख बच्चों को विभिन्न 20 हजार निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए चयनित किया है। इसमें नर्सरी कक्षा में 66 हजार 219, केजी-1 में 31 हजार 970 और कक्षा पहली में 7 हजार 862 बच्चों को निःशुल्क प्रवेश के लिए सीटें आवंटित की गई हैं। इनमें से 91 हजार 543 बच्चों को उनकी प्रथम वरीयता, 7 हजार 496 को द्वितीय वरीयता और 3 हजार 580 को तृतीय वरीयता के स्कूल मिले हैं। इसके अलावा 1 हजार 245 को चतुर्थ, 874 को पांचवीं, 501 को छठी, 315 को सातवीं, 221 को आठवीं, 160 को नौवीं और 116 को दसवीं वरीयता के स्कूल मिले हैं। खास बात यह है कि इनमें से 1.14 लाख बच्चे गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों से हैं।

320 स्कूलों में कम प्रवेश

केंद्र के अधिकारियों के अनुसार प्रदेशभर में 320 निजी स्कूल ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जहां 50 प्रतिशत से भी कम प्रवेश हुए हैं। कई जिलों में स्थिति और गंभीर है, जहां कुछ स्कूलों में बेहद कम संख्या में प्रवेश हुआ है। भोपाल में 19, इंदौर में 27, ग्वालियर में 13, जबलपुर में 14, देवास में 12 और दमोह में 11 निजी स्कूलों में अब तक कम संख्या में बच्चे पहुंचे हैं। वहीं निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि जिन बच्चों को आवंटन मिला है, उन्हें प्रवेश दिया जा रहा है। जो बच्चे अभी स्कूल नहीं आए हैं, उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें प्रवेश के लिए बुलाया जा रहा है।

आंकड़े उत्साहजनक

आरटीई के तहत यदि किसी अभिभावक को प्रवेश में परेशानी होती है या कोई स्कूल प्रवेश देने से इनकार करता है, तो संबंधित संस्थान के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अभी तक प्रवेश ले चुके बच्चों के आंकड़े उत्साहजनक हैं। शासन के सहयोग से गरीब अभिभावक आरटीई के माध्यम से बच्चों को निजी स्कूलों में भेजकर अपना सपना साकार कर सकेंगे।

संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल
हरजिंदर सिंह


 

Related to this topic: