मध्यप्रदेश में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की ड्यूटी को लेकर सरकार ने अलग-अलग स्तर पर ऐसा फैसला लिया है जो चौंकाने के साथ ही राहत देने वाला है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की ड्यूटी को लेकर सरकार ने अलग-अलग स्तर पर सख्ती और राहत के निर्देश दिए हैं। ई-अटेंडेंस में तकनीकी परेशानी के कारण शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों का वेतन नहीं रोका जाएगा। वहीं ड्यूटी के दौरान निजी प्रैक्टिस या निजी अस्पतालों में सेवाएं देने वाले सरकारी डॉक्टरों पर अब कार्रवाई की तैयारी है।
ई-अटेंडेंस में तकनीकी दिक्कत पर नहीं रुकेगा वेतन
मध्यप्रदेश में ई-अटेंडेंस व्यवस्था में तकनीकी परेशानी आने पर शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों को राहत दी गई है। आयुक्त अभिषेक सिंह ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाने को सीधे अनुपस्थिति मानकर वेतन रोकने की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
हालांकि शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य रहेगा। आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में करीब 99 प्रतिशत शिक्षक और अतिथि शिक्षक इस व्यवस्था के तहत अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। अभिषेक सिंह ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को नई व्यवस्था के अनुसार संकुल प्राचार्यों को कार्रवाई के निर्देश देने को कहा है। यह राहत नियमित शिक्षकों और अन्य सरकारी कर्मचारियों के साथ अतिथि शिक्षकों पर भी लागू होगी।
सरकारी डॉक्टरों की ड्यूटी पर स्वास्थ्य मंत्री सख्त
दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी के दौरान गैरहाजिर रहने वाले डॉक्टरों को लेकर उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सख्त रुख अपनाया है।राजेंद्र शुक्ल ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम के जरिए कहा कि ड्यूटी के दौरान निजी प्रैक्टिस करने या निजी अस्पतालों में सेवाएं देने वाले चिकित्सकों के खिलाफ सरकार अब सख्त कार्रवाई करने जा रही है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी से नदारद रहने वाले डॉक्टरों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। लगातार ड्यूटी से गायब रहने या लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों के खिलाफ जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार के इन दोनों फैसलों से एक ओर तकनीकी कारणों से प्रभावित शिक्षकों को वेतन के मामले में राहत मिली है, वहीं सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में ड्यूटी को लेकर डॉक्टरों पर निगरानी और कार्रवाई का रुख सख्त किया गया है।