भोपाल और इंदौर मेट्रो में 27 अप्रैल से एएफसी सिस्टम लागू होगा। यात्रियों को टिकट और वॉलेट रीचार्ज पर 8% से 15% तक छूट मिलेगी। QR टिकट और ऐप सुविधा भी शुरू।
भोपाल। मध्य प्रदेश में मेट्रो यात्रा को अधिक सुविधाजनक और किफायती बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 27 अप्रैल से भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत यात्रियों को टिकट और वॉलेट रिचार्ज पर विशेष रियायत दी जाएगी।यह निर्णय डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और यात्रियों को तेज व आसान टिकटिंग सुविधा देने के उद्देश्य से लिया गया है। नए सिस्टम के तहत विशेष काउंटर भी बनाए जाएंगे, जहां से यात्रियों को रियायती टिकट मिल सकेंगे।
टिकट और रिचार्ज पर 15 प्रतिशत तक छूट
मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, वॉलेट रिचार्ज पर अलग-अलग स्लैब के अनुसार छूट दी जाएगी। 200 से 499 रुपए के रिचार्ज पर 8 प्रतिशत, 500 से 999 रुपए पर 10 प्रतिशत, 1000 से 1499 रुपए पर 12 प्रतिशत और 1500 से 2000 रुपए तक के रिचार्ज पर 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इस योजना से नियमित यात्रियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
मोबाइल ऐप और QR टिकट से आसान सफर
एमपी मेट्रो के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए यात्री QR टिकट बुक कर सकेंगे। यह ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। मोबाइल से टिकट लेने पर यात्रियों का समय बचेगा और लंबी कतारों से राहत मिलेगी। टिकट काउंटर और ग्राहक सेवा केंद्र से भी पेपर QR टिकट नगद या UPI के माध्यम से प्राप्त किए जा सकेंगे।
राउंड ट्रिप और ग्रुप टिकट पर अतिरिक्त फायदा
मेट्रो यात्रियों को राउंड ट्रिप टिकट पर 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यह सुविधा खास तौर पर उन यात्रियों के लिए लाभकारी होगी, जो एक ही दिन में आवागमन करते हैं। इसके अलावा समूह में यात्रा करने वालों के लिए भी विशेष रियायत दी गई है। 8 से 40 यात्रियों के समूह पर कुल किराए में 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा, वापसी नहीं होगी राशि
मेट्रो वॉलेट में जमा की गई राशि का उपयोग केवल टिकट खरीद के लिए किया जा सकेगा। यह राशि किसी भी स्थिति में वापस नहीं की जाएगी। प्रबंधन का कहना है कि यह पहल डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के साथ-साथ यात्रियों को आधुनिक और सुरक्षित यात्रा अनुभव देगी। एमपी मेट्रो के अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा भोपाल और इंदौर के सभी यात्रियों के लिए लागू होगी। इससे शहरी परिवहन अधिक सुलभ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनेगा।