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MP Mantralaya Security Lapse: Checking Machines No

मंत्रालय की सुरक्षा से खिलवाड़, डिटेक्टर उपकरण खराब, मैन्युअल जांच के भरोसे सिस्टम

भोपाल में मंत्रालय की सुरक्षा पर सवाल, प्रवेश द्वार की जांच मशीनें बंद, मैन्युअल जांच के भरोसे आगंतुकों की एंट्री


मंत्रालय की सुरक्षा से खिलवाड़ डिटेक्टर उपकरण खराब मैन्युअल जांच के भरोसे सिस्टम

प्रदेश सरकार के मंत्रालय की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई है। मंत्रालय के प्रवेश द्वार पर जांच के लिए लगी सुरक्षा जांच मशीनें बंद पड़ी हैं। सुरक्षा कर्मी मशीन खराब होने की वजह से आगंतुकों की सटीक जांच नहीं कर पा रहे हैं। मंत्रालय की सुरक्षा में बरती जा रही इस लापरवाही को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग और मंत्रालय सुरक्षा कार्यालय एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

बारिश के बाद ठप पड़े डिटेक्टर

मंत्रालय की सुरक्षा में जो लापरवाही सामने आई है, उसके बारे में बताया गया कि बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने के बाद से ये मशीनें काम करना बंद कर चुकी हैं। इसके बाद से आगंतुकों के सामान बैग, डिब्बे या अन्य सामग्री की जांच मैन्युअल तरीके से की जा रही है।समस्या यह है कि हर आगंतुक का बैग खोलकर जांच करना संभव नहीं हो पाता। कुछ वीआईपी और विशेष आगंतुक भी बैग या अन्य सामान लेकर आते हैं, जिनकी जांच को लेकर सुरक्षा कर्मियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।

सुरक्षा के लिए जिम्मेदार कौन?

जांच मशीनों से जुड़ा मामला सामान्य प्रशासन विभाग के पास बताया जा रहा है। अधीक्षण शाखा ही इनका बंदोबस्त करती है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ही स्थिति स्पष्ट कर सकता है।हैरानी की बात यह है कि खराब उपकरणों को बदलने या सुधरवाने को लेकर न तो सुरक्षा अधिकारी कार्यालय और न ही सामान्य प्रशासन विभाग ने गंभीरता दिखाई। जीएडी की अधीक्षण शाखा के एक अधिकारी ने तो यहां तक बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी ही नहीं दी गई।

अविनाश शर्मा, मंत्रालय सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय के तीनों भवनों के कैमरे ठीक तरह से काम कर रहे हैं। सुरक्षा का जिम्मा पुलिस के पास है और सुरक्षा उपकरण भी पुलिस के ही होते हैं। जीएडी न तो सुरक्षा उपकरण खरीदता है और न ही उसने कभी खरीदे हैं। मेटल डिटेक्टर मशीन खराब होने की कोई लिखित सूचना जीएडी को नहीं दी गई है।

 

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