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MP IAS Officers Deployed For State Elections

पांच राज्यों के चुनाव में जाएगी एमपी की अफसरशाही, 50 IAS संभालेंगे पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी

पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव के लिए मध्यप्रदेश के 50 आईएएस अधिकारियों को पर्यवेक्षक बनाया गया है। ये अधिकारी चुनावी प्रक्रिया की निगरानी के लिए अलग-अलग राज्यों में त


पांच राज्यों के चुनाव में जाएगी एमपी की अफसरशाही 50 ias संभालेंगे पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी

mp Officers in Assembly Election |

भोपाल। देश में होने वाले बड़े विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के कई सीनियर आईएएस अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।  चुनाव आयोग ने एमपी के 50 आईएएस अधिकारियों को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। 

ये अधिकारी अलग-अलग राज्यों में जाकर चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और मतदान से जुड़ी व्यवस्थाओं पर नजर रखेंगे। अब चुनाव तारीखों के ऐलान के बाद इन अफसरों को जल्द ही अपने-अपने चुनावी क्षेत्रों में पहुंचना होगा।

पांच राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव

इस बार जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, उनमें पश्चिम बंगाल, असम, केरलम, तमिलनाडु और पुडुचेरी शामिल हैं। इन चुनावों के लिए एमपी से भेजे जा रहे आईएएस अफसरों ने फरवरी में ही चुनाव आयोग की ट्रेनिंग ले ली थी। अब इन्हें आयोग द्वारा तय किए गए विधानसभा क्षेत्रों में भेजा जाएगा।

सचिव स्तर से लेकर कलेक्टर तक शामिल

इन 50 अधिकारियों में कई बड़े विभागों के सचिव, आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। जिन प्रमुख अफसरों के नाम सामने आए हैं, उनमें किसान कल्याण विभाग के सचिव निशांत वरवड़े, वित्त विभाग के सचिव लोकेश कुमार जाटव, राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दीपक सिंह, योजना विभाग के सचिव श्रीमन शुक्ला और नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे शामिल हैं।

इसके अलावा मछुआ कल्याण विभाग के सचिव स्वतंत्र कुमार सिंह, उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार, एमपी सड़क विकास निगम के एमडी भरत यादव और अशोकनगर कलेक्टर साकेत मालवीय को भी चुनावी जिम्मेदारी दी गई है।

कई वरिष्ठ आयुक्त और सचिव भी जाएंगे

चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में जिन अन्य अधिकारियों को भेजा जाएगा, उनमें आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता,आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, प्रमुख राजस्व आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव,सचिव जेल एवं परिवहन मनीष सिंह,आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं धनराजू एस,आयुक्त नगर एवं ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ जैसे कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इनके अलावा वित्त, पंचायत, सहकारिता, आबकारी, लोक निर्माण और राजस्व विभाग के कई अफसर भी इस चुनावी ड्यूटी में लगाए गए हैं।

कब होगा मतदान और कब आएंगे नतीजे

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुताबिक पांचों राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश में कुल 17.4 करोड़ मतदाता हैं। यहां 824 विधानसभा सीटों पर चुनाव कराया जाएगा। मतदान का कार्यक्रम इस तरह रहेगा जिसमें पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल, तमिलनाडु में 23 अप्रैल, असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होंगे। वहीं, पांचों राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही इन राज्यों में आचार संहिता भी लागू हो गई है।

पिछली बार बंगाल में 8 चरणों में हुए थे चुनाव

दिलचस्प बात यह है कि पिछली बार यानी 2021 के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में मतदान कराया गया था। इस बार आयोग ने कम चरणों में चुनाव कराने का फैसला लिया है, लेकिन सुरक्षा और निष्पक्षता को देखते हुए बड़ी संख्या में पर्यवेक्षक और अधिकारी तैनात किए जा रहे हैं।

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