मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में दवाओं की सूची बदलेगी। एंटीबायोटिक के असर और डोज पर विशेष फोकस, नई ईडीएल जल्द जारी होगी।
भोपाल के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अब जिला अस्पताल से लेकर उपस्वास्थ्य केंद्र तक मिलने वाली दवाओं की सूची में संशोधन करने जा रहा है। वजह साफ है कुछ दवाएं अब पहले जैसा असर नहीं दिखा रहीं, और उनके बेहतर विकल्प बाजार में आ चुके हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खासकर एंटीबायोटिक दवाओं को लेकर नई रणनीति बनाई जा रही है। क्योंकि एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस अब सिर्फ मेडिकल जर्नल का विषय नहीं, बल्कि जमीन की सच्चाई बन चुका है।
क्यों जरूरी हुआ बदलाव?
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कई एंटीबायोटिक दवाएं अब मरीजों पर कम असर कर रही हैं। कुछ दवाओं की डोज भी पुराने प्रोटोकॉल के अनुसार तय है, जबकि मेडिकल साइंस आगे बढ़ चुका है। ऐसे में सूची में बदलाव लगभग तय माना जा रहा है।अधिकारियों का कहना है कि जो दवाएं अप्रभावी हो चुकी हैं, उन्हें हटाया जाएगा और उनकी जगह नई, अधिक प्रभावी और सुरक्षित दवाएं जोड़ी जाएंगी। इससे न केवल इलाज की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि संक्रमण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
530 दवाओं की सूची की होगी समीक्षा
वर्ष 2022 की अधिसूचित आवश्यक औषधि सूची (EDL) के अनुसार जिला अस्पतालों के लिए 530 दवाएं सूचीबद्ध हैं। इन दवाओं में ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन थियेटर में उपयोग होने वाली दवाएं शामिल हैं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को ये सभी दवाएं नि:शुल्क दी जाती हैं। अब इस पूरी सूची की दोबारा समीक्षा की जाएगी। बताया जा रहा है कि सिर्फ जिला अस्पताल ही नहीं, बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उपस्वास्थ्य केंद्रों की ईडीएल में भी बदलाव होंगे।
पहले भी हो चुके हैं बदलाव
नि:शुल्क दवा योजना के तहत पहली बार वर्ष 2014 में अत्यावश्यक दवाओं की सूची बनाई गई थी।2021 तक जिला अस्पतालों की ईडीएल में 295 दवाएं शामिल थीं। 2022 में इसे बढ़ाकर 530 किया गया। इस विस्तार से मरीजों को काफी राहत मिली, और कई मामलों में इलाज की गुणवत्ता भी सुधरी।अब एक बार फिर समीक्षा हो रही है, यानी सिस्टम अपने आप को अपडेट करने की कोशिश में है।
डॉक्टरों की समिति तय करेगी नई दवाएं
नई दवाओं को शामिल करने का फैसला विशेषज्ञ डॉक्टरों की समिति करेगी। समिति उन दवाओं को प्राथमिकता देगी जिनके परिणाम बेहतर रहे हैं और जिनकी चिकित्सकीय उपयोगिता अधिक है।समिति की सिफारिशों के आधार पर ही नई ईडीएल को अंतिम रूप दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, तकनीकी स्तर पर काम शुरू हो चुका है और मसौदा लगभग तैयार होने की स्थिति में है।
नई सूची जल्द वेबसाइट पर जारी होगी
मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सप्लाई कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक मयंक अग्रवाल ने कहा,
प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में दवाओं की नई सूची तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। नई ईडीएल को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही संशोधित सूची तैयार कर वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से उम्मीद है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज और प्रभावी होगा। खासकर उन मरीजों के लिए, जो निजी अस्पताल का खर्च नहीं उठा पाते, यह बदलाव राहत भरा साबित हो सकता है। अब नजर इस बात पर है कि नई सूची कब तक जारी होती है, और उसमें कौन-कौन सी दवाएं जुड़ती या हटती हैं।