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MP Government Changes Rules on Opening Bank Accoun

मध्य प्रदेश में अब बिना अनुमति नहीं खुलेंगे सरकारी बैंक खाते, वित्त विभाग ने बदले नियम

मध्य प्रदेश में सरकारी विभाग अब बिना वित्त विभाग की अनुमति बैंक खाता नहीं खोल पाएंगे। पीडी खातों और ई-हस्ताक्षर को लेकर नए नियम लागू


मध्य प्रदेश में अब बिना अनुमति नहीं खुलेंगे सरकारी बैंक खाते वित्त विभाग ने बदले नियम

मप्र सरकार ने एक बार फिर कोषालय नियमों में बदलाव किया है। ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इसके तहत अब कोई भी विभाग, विभागाध्यक्ष कार्यालय या कोई भी सरकारी संस्था वित्त विभाग की अनुमति के बिना बैंक में नया खाता नहीं खोल सकेगी। किसी संस्था के मौजूदा बैंक खाते को बंद करने के लिए भी वित्त विभाग की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

पांच साल से निष्क्रिय PD खातों की होगी समीक्षा

पांच साल से निष्क्रिय पीडी खातों की समीक्षा कर उन्हें बंद किया जाएगा। समेकित निधि से संचालित पीडी खाते अब वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति से ही खोले जाएंगे। यदि कोई अनाधिकृत खाता संचालित पाया गया, तो संबंधित डीडीओ को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा।कोषालय की सभी प्राप्तियों और जमाओं को अनिवार्य रूप से साइबर ट्रेजरी से जोड़ा गया है। वेतन, पेंशन और आकस्मिक व्यय के लिए मानकीकृत प्रारूप लागू किए जाएंगे।

मंत्रियों के ई-हस्ताक्षर से होंगे सभी भुगतान

वित्त विभाग ने सरकार के मंत्रियों को ई-हस्ताक्षर को लेकर छूट दी हुई है। चूंकि मंत्रियों की एम्प्लॉयी आईडी नहीं होती, इसलिए उन्हें आंशिक छूट प्रदान की गई है। मंत्रियों को दिए जाने वाले यात्रा भत्ते, क्षेत्र भत्ते और वेतन के भुगतान के लिए ई-हस्ताक्षरों को हस्तलिखित हस्ताक्षरों के समान कानूनी मान्यता दी गई है।

पहले मंत्रियों को तीन स्थानों पर हस्ताक्षर करना होता था, लेकिन अब केवल एक बार हस्ताक्षर करने पर ही इन तीनों प्रकार के भुगतान हो सकेंगे। इसके अलावा पेंशन और ग्रेच्युइटी का भुगतान भी अब ई-हस्ताक्षर के माध्यम से किया जाएगा।