मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए लागू दो-बच्चा नियम खत्म होने की तैयारी। 25 साल में 50 हजार से ज्यादा लोग हुए थे अपात्र, अब तीन बच्चों वाले भी पात्र हो सकेंगे।
प्रमोद दुबे
भोपाल: लगभग 25 वर्षों से मध्य प्रदेश में अर्थात 26 जनवरी 2001 से प्रदेश में लागू सरकारी नौकरियों में सुविधाओं के लिए दो बच्चों वाले नियम को अब मध्य प्रदेश शासन खत्म करने के लिए प्रयासरत है और शीघ्र यह नियम खत्म हो जाएगा । परंतु इन लगभग 25 वर्षों में मध्य प्रदेश में 50000 से अधिक ऐसे लोग इस नियम के कारण अपात्र घोषित हो गए , जिनके तीन बच्चे थे । वहीं दूसरी ओर कई न्यायाधीश सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया । सैकड़ो लोगों की नौकरी चली गई एवं प्रमोशन रोक दिए गए । कुल मिलाकर सुप्रीम कोर्ट के नियम से हटकर अब मध्य प्रदेश शासन तीन बच्चों के नियम को लागू करने जा रहा है । अब तीन बच्चे वाले लोग भी सरकारी नौकरी के लिए पात्र होंगे ।
सुप्रीम कोर्ट की बाध्यता के विरुद्ध प्रदेश सरकार का नीतिगत फैसला
देश में वर्ष 2000 के बाद जनसंख्या नियंत्रण कानून के अंतर्गत देश के 3 राज्यों में एक साथ यह फैसला लिया गया था, कि जिन शासकीय कर्मचारियों के दो से अधिक बच्चे होंगे अथवा जिस व्यक्ति को पात्रता परीक्षा में शामिल होना होगा उसके तीन बच्चे होने पर वह अपात्र कहलाएगा । एवं वर्ष 2001 में यह नियम लागू कर दिया गया था । सुप्रीम कोर्ट में जनसंख्या नियंत्रण के लिए तर्कसंगत फैसला मानते हुए राज्य सरकारों द्वारा इसे लागू कर दिया गया । धीरे-धीरे पंचायत चुनाव से लेकर सरकारी सेवा में इस नियम का पालन होने लगा और लगभग 25 वर्षों तक यह नियम देश के कई भागों में लागु रहा । परंतु अब मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस नियम को समाप्त करते हुए तीन बच्चों वाले नियम को लागू किए जाने की तैयारी प्रारंभ हो चुकी है ।
वर्तमान में आठ राज्यों में लागू है नीति । केंद्र की नौकरी में नहीं
वर्तमान में आठ राज्यों में दो-बच्चा नीति लागू है, जैसे मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, असम, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और ओडिशा। मध्य प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति स्थानीय चुनावों में चुनाव नहीं लड़ सकते या सार्वजनिक पद धारण नहीं कर सकते। महाराष्ट्र में, दो से अधिक बच्चों वाले लोग 2006 से सरकारी नौकरियों के लिए पात्र नहीं हैं, जबकि गुजरात और ओडिशा में वे स्थानीय सरकारी निकायों के सदस्य नहीं बन सकते। असम सरकार ने वर्ष 2019 में एक नीति को मंजूरी दी, जिसके तहत जनवरी 2021 से दो से अधिक बच्चों वाले लोग सरकारी नौकरियों के लिए अपात्र हो जाएंगे। लेकिन ये दो-बच्चा नीतियां राज्य-विशिष्ट और नौकरी-विशिष्ट हैं और केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों पर इनका कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
प्रमोद दुबे