मध्य प्रदेश में पहली महिला DGP बनने की दौड़ में प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। 2027 में संभावित नियुक्ति को लेकर चर्चा तेज।
भोपाल: मध्य प्रदेश में पुलिस नेतृत्व को लेकर बड़ी चर्चा सामने आ रही है। वर्ष 2027 में होने वाली पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नामों पर विचार शुरू हो गया है। इसी क्रम में प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो वह प्रदेश की पहली महिला DGP बन सकती हैं।
दिल्ली तक पहुंचा नाम, जल्द हो सकता है फैसला
सूत्रों के अनुसार, आगामी नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के नाम केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। इनमें प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। चयन प्रक्रिया के तहत इन नामों पर विचार के लिए एक पैनल तैयार किया जा रहा है, जिसकी बैठक जल्द दिल्ली में प्रस्तावित है।
अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर मजबूत दावेदारी
प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव 1991 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। प्रशासनिक अनुभव और सेवा अवधि के आधार पर उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। वरिष्ठता सूची में भी उनका स्थान प्रमुख अधिकारियों में गिना जाता है।
महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में कदम
यदि प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव को यह जिम्मेदारी मिलती है, तो यह मध्य प्रदेश पुलिस के इतिहास में एक बड़ा बदलाव माना जाएगा। इससे पुलिस विभाग में महिला नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा और प्रशासनिक स्तर पर संतुलन की दिशा में सकारात्मक संकेत जाएगा।
अन्य नाम भी दौड़ में शामिल
सूत्र बताते हैं कि DGP पद के लिए अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी विचाराधीन हैं। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों और वरिष्ठता के आधार पर प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। अंतिम निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
सेवानिवृत्ति के समीकरण भी अहम
वर्तमान और संभावित अधिकारियों की सेवानिवृत्ति अवधि भी इस चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिन अधिकारियों की सेवा अवधि अधिक बची हुई है, उन्हें प्राथमिकता मिलने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव की स्थिति और मजबूत मानी जा रही है।
प्रदेश में बढ़ी चर्चा, फैसले पर नजर
इस संभावित नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आने वाले समय में होने वाला फैसला मध्य प्रदेश पुलिस की दिशा और नेतृत्व दोनों को प्रभावित करेगा।