मध्यप्रदेश के 68 शासकीय महाविद्यालयों में एआई और फिनटेक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होंगे। IIT दिल्ली के सहयोग से 2000 छात्रों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार के नेतृत्व में प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में परंपरागत पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा महाविद्यालयों में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।प्रदेश के 68 शासकीय महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एआई एवं फिनटेक विद एआई के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किए जा रहे हैं।
नवीन सत्र से विद्यार्थियों को मिलेगा पाठ्यक्रमों का लाभ
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने बताया कि महाविद्यालयों में परंपरागत विषयों से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे आसानी से रोजगार से जुड़ सकेंगे।
2000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष 2000 विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं फिनटेक विद एआई के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में यह लक्ष्य 1000 विद्यार्थियों का था, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। प्रदेश के 68 महाविद्यालयों में ये पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं, जिनमें 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस तथा 13 स्वायत्त महाविद्यालय शामिल हैं। यह कोर्स आईआईटी दिल्ली के सहयोग से संचालित किया जाएगा।