मध्य प्रदेश कैबिनेट की मीटिंग हुई। सरकार ने लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं को अगले पांच साल जारी रखने की मंजूरी दी है। कई अन्य प्रस्तावों पर भी फैसला हुआ।
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं और बेटियों से जुड़ी प्रमुख योजनाओं को आगे भी जारी रखने का फैसला लिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं को अगले 5 साल तक चलाने की मंजूरी दी गई। सरकार के अनुसार, लाड़ली बहना योजना पर 1,14,365 करोड़ रुपये और लाड़ली लक्ष्मी योजना पर 16326 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस योजना के साथ ही इस बैठक में स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, विज्ञान और मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी कई योजनाओं को आगे बढ़ाने समेत कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
सड़क विकास निगम में 35 नए पदों को मंजूरी
कैबिनेट ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पद का सृजन करने की मंजूरी दी है। निगम में पहले से स्वीकृत सात पदों को अवधि भी 19 सितंबर 2026 के बाद अगले पांच साल के लिए जारी रहेगी।
प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना को भी मंजूरी
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योनजा को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने सहमति दी है। इस योजना में केंद्र सरकार और राज्य सरकार की हिस्सेदारी तय रहेगी। इसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं पर भी रहेगा फोकस
कैबिनेट बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की मौजूदा योजनाओं को भी अगले पांच साल तक जारी रखने का निर्णय लिया गया। इनमें नए उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने और अस्पतालों व डिस्पेंसरी के भवन निर्माण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं के लिए सरकार की ओर से 11,835 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाली अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि को भी अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है।
कृषि विभाग की तीन योजनाएं भी रहेंगी जारी
कृषि विकास विभाग की 500 करोड़ रुपये से कम वित्तीय आकार वाली तीन योजनाओं को भी अगले 5 साल तक जारी रखने की अनुमति दी गई है। सरकार ने इनके संचालन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
नर्मदा संरक्षण के लिए 'नमन मिशन' को हरी झंडी
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 'निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन' यानी 'नमन मिशन' को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इस मिशन का मकसद नर्मदा नदी से जुड़े संरक्षण और विकास कार्यों को संस्थागत तरीके से आगे बढ़ाना है। बैठक की शुरूआत वंदे मातरण केसाथ हुई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने दी।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी की योजनाओं को भी 5 साल का विस्तार
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की कई योजनाओं को भी आगे जारी रखने का निर्णय हुआ है। इनमें 'अनुसंधान, योजना और विकासीय गतिविधियाँ, 'निर्देशन एवं प्रशासन' और 'विज्ञान को लोकप्रिय करना, विज्ञान के प्रसार हेतु सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के लिए पांच साल की अवधि में 492 करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्ताव रखा गया है।
युवाओं के लिए बनेगा फ्री ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क
कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने युवाओं और बच्चों को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से 5 से 15 साल के बच्चों में प्रतिभाओं की पहचान के लिए टैलेंटहंट अभियान चलाने की बात कही है। सीएम ने कहा कि युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। साथ ही देश के एक करोड़ युवाओं को एआई स्किल की ट्रेनिंग देने की दिशा में भी काम होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक युवा देशों में शामिल भारत एआई के विस्तार और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
नशामुक्ति के लिए 100 सप्ताह का अभियान
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त भारत अभियान को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि देश में नशे के खिलाफ 100 सप्ताह का व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसमें प्रमुख हस्तियों, सामाजिक संगठनों और समाज के अलग-अलग वर्गों को शामिल किया जाएगा।
सिविल डिफेंस नेटवर्क पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने सिविल डिफेंस नेटवर्क तैयार करने की जरूरत भी बताई। उनका कहना था कि किसी भी आपदा या आपात स्थिति में बेहतर समन्वय और जनभागीदारी के लिए मजबूत सिविल डिफेंस व्यवस्था जरूरी है।