मध्यप्रदेश कैबिनेट ने मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम बनाने और किसानों को जमीन अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा देने का फैसला लिया।
भोपाल: अस्पतालों के बाहर रातें काटते परिजन… यह तस्वीर अब शायद धीरे-धीरे बदलने वाली है। मध्यप्रदेश कैबिनेट ने एक अहम फैसला लेते हुए मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम बनाने को मंजूरी दे दी है। बुधवार को हुई बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर आम लोगों पर दिखेगा। बैठक की अध्यक्षता Dr. Mohan Yadav ने की।
अस्पतालों में बनेगा ‘शेल्टर होम’
सरकार अब मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में ऐसे शेल्टर होम बनवाएगी, जहां मरीजों के परिजन सस्ती दरों पर ठहर सकेंगे और भोजन भी मिल सकेगा। अभी तक हालात ये हैं कि दूर-दराज से आने वाले लोग अस्पतालों के बाहर या फुटपाथ पर रात गुजारने को मजबूर होते हैं
सामाजिक संस्थाएं संभालेंगी जिम्मेदारी
इस योजना की खास बात यह है कि इसे सामाजिक संस्थाओं के जरिए लागू किया जाएगा। सरकार जमीन देगी, निर्माण और संचालन संस्थाएं करेंगी और एक समिति न्यूनतम शुल्क तय करेगी। सरकार का कहना है कि यह मॉडल सेवा भाव पर आधारित होगा, न कि मुनाफे पर।
किसानों को 4 गुना मुआवजा
कैबिनेट ने ‘फैक्टर-2’ लागू करने का भी फैसला लिया है। इसके तहत ग्रामीण इलाकों में जमीन अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना तक मुआवजा मिलेगा। यह फैसला लंबे समय से उठ रही मांगों के बीच आया है, और इसे किसानों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर बड़ा निवेश
अगले 5 सालों में राज्य के मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सुविधाएं इन सबके लिए करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सरकार का फोकस साफ है स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना।
उज्जैन में सिंचाई, छात्रों को साइकिल
कैबिनेट ने कई अन्य फैसले भी लिए
- Ujjain में 157 करोड़ की सिंचाई परियोजना (35 गांवों को फायदा)
- कक्षा 6 और 9 के छात्रों के लिए साइकिल योजना (990 करोड़)
- शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के लिए 1200 करोड़ फंड मिलेगा
कैबिनेट ने CM केयर योजना 2026 को भी मंजूरी दी है। इस योजना पर अगले 5 सालों में 3628 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।