मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा। कांग्रेस मासूमों की मौत, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है
मासूमों की मौत और भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस
मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से आरंभ होगा। विधानसभा सचिवालय ने सत्र की तैयारियां पूरी कर ली हैं। वहीं पुलिस-प्रशासन ने भी सत्र को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
19 दिन का सत्र, 12 बैठकें
मप्र विधानसभा के 19 दिवसीय बजट सत्र में कुल 12 बैठकें होंगी। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इसके बाद सदन राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापित करेगा। हालांकि सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। प्रश्नकाल में भी विपक्ष गबन, घोटाले और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दे उठाएगा।
वहीं ध्यानाकर्षण और शून्यकाल के साथ-साथ इंदौर में दूषित जल से हुई मौतों और छिंदवाड़ा में कफ सिरप से हुई मासूमों की मौतों पर विशेष चर्चा के लिए विपक्ष स्थगन प्रस्ताव की मांग करेगा।
सरकार का बजट पर फोकस
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को राज्य सरकार का बजट सदन में पेश करेंगे। सरकार का पूरा फोकस बजट पारित कराने पर रहेगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार मप्र सरकार का बजट 4.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
बजट में राज्य और केंद्र सरकार की जनकल्याण एवं विकास योजनाओं के लिए राज्यांश में अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग की लाड़ली बहना योजना, जल संसाधन विभाग के नदी जोड़ो अभियान सहित प्रदेश की सड़कों, पुलों और सिंहस्थ-2028 से जुड़े नए व चल रहे कार्यों के लिए विशेष प्रावधान संभव हैं।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक 16 को
सदन में सरकार को घेरने की रणनीति बनाने के लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 16 फरवरी को राजधानी स्थित 74 बंगला में अपने शासकीय आवास पर शाम 7.30 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। बैठक में सरकार पर कर्ज, दूषित पानी से हुई मौतें, किसानों को समर्थन मूल्य, ओलावृष्टि, युवाओं को रोजगार, जनजातीय अत्याचार और प्रदेश की कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रणनीति बनाई जाएगी।
विधायकों के हाथ में दिखेंगे टैबलेट
ई-विधान के तहत डिजिटलीकरण के बाद मप्र विधानसभा का यह पहला सत्र होगा, जिसमें विधायकों को प्रश्नों के उत्तर सहित अन्य जानकारियां डिजिटल रूप में उपलब्ध कराई जाएंगी। हालांकि, पहले सत्र होने के कारण दस्तावेज और जानकारियां भौतिक रूप से भी उपलब्ध कराई जाएंगी।