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MP Arms License Now Online System

MP में अब ऑनलाइन चलेंगी शस्त्र लाइसेंस की फाइलें

मध्य प्रदेश में शस्त्र लाइसेंस की फाइलें अब ऑनलाइन चलेंगी। बिना UIN नंबर वाले हथियार 20 मार्च के बाद अवैध माने जा सकते हैं, सरकार ने कलेक्टरों को निर्देश दिए।


mp में अब ऑनलाइन चलेंगी शस्त्र लाइसेंस की फाइलें

शस्त्रों की विशिष्ट पहचान संख्या जारी करने के लिए एक और मोहलत, कलेक्टरों को दिए निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के परिपालन में मप्र सरकार ने शस्त्रों को लेकर सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। गृह मंत्रालय ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि एक मार्च से प्रदेश में किसी भी तरह के नए शस्त्र लाइसेंस और नवीनीकरण से जुड़ी फाइलें अब ऑनलाइन ही चलेंगी।

1 मार्च से पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन

साथ ही मौजूदा स्थिति में जिन शस्त्रधारियों ने अपने-अपने शस्त्रों की विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईएन) नहीं ली है, उन्हें 20 मार्च तक की और मोहलत दी गई है। हालांकि प्रदेश में करीब 2 लाख 30 हजार से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस ऐसे हैं, जिनकी विशिष्ट पहचान संख्या ही नहीं है।

दो लाख से ज्यादा हथियारों के पास अभी UIN नहीं

दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय के आयुध नियम 2016 के नियम 15 के तहत देश में बिना विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईएन) वाले शस्त्र अवैध माने जाएंगे। इस अधिनियम के परिपालन में शस्त्रों के यूआईएन नंबर जारी करने के संबंध में गृह विभाग कलेक्टरों को बीच-बीच में निर्देश देता रहा है, लेकिन ज्यादातर कलेक्टरों ने इसमें रुचि नहीं ली।ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्रालय की समीक्षा रिपोर्ट में शस्त्रों के यूआईएन नंबर जारी करने में मप्र की स्थिति बेहद खराब बताई गई है। इस संबंध में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने पिछले महीने 19 फरवरी को हुई समीक्षा बैठक में शस्त्रों के यूआईएन की जानकारी ली।समीक्षा बैठक में तय हुआ कि एक मार्च से प्रदेश में शस्त्रों के नए लाइसेंस और नवीनीकरण की कार्यवाही ऑनलाइन चलेगी। गृह विभाग की सचिव कृष्णावेणी देशावतु ने आयुध नियमों का पालन कराने के संबंध में सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं।

वैधानिक तौर पर अवैध घोषित हो सकते हैं शस्त्र

आयुध नियमों के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय का जोर सभी शस्त्रों की जानकारी एनडीएएल-एलाइस पोर्टल पर अपडेट करने और नए लाइसेंस के प्रकरण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन चलाने पर है।बीच-बीच में इसके निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन जिला स्तर पर इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि नागरिक सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार एक झटके में बिना यूआईएन नंबर वाले शस्त्रों को अवैध घोषित कर सकती है। हालांकि इसके लिए फिलहाल एक और मोहलत दे दी गई है।