मध्य प्रदेश में अंबेडकर जयंती पर महू से भोपाल तक कार्यक्रम आयोजित हुए। सीएम मोहन यादव ने बाबासाहेब को याद किया, जबकि जीतू पटवारी ने भाजपा पर आरोप लगाए।
मध्य प्रदेश में मंगलवार को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। मुख्य आयोजन इंदौर जिले के डॉ. अंबेडकर नगर (महू) में हुआ, जहां देशभर से श्रद्धालु, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बौद्ध भिक्षु बड़ी संख्या में पहुंचे। पूरे क्षेत्र में ‘जय भीम’ के नारों से माहौल गूंजता रहा।
सीएम मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महू पहुंचकर अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बाबासाहेब ने संविधान निर्माण के माध्यम से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत आधार दिया और उसे अमर बना दिया। उन्होंने सामाजिक समरसता, समानता और एकता के उनके संदेश को आज के समय में भी प्रासंगिक बताते हुए लोगों से उनके आदर्शों पर चलने की अपील की। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री ने अंबेडकर चौक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को प्रेरणादायी बताया।
जीतू पटवारी का भाजपा पर निशाना
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने महू में अंबेडकर स्मारक पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अंबेडकर के नाम पर राजनीति कर रही है और संविधान के मूल सिद्धांतों से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि इन विषयों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

प्रदेश के कई शहरों में हुए आयोजन
अंबेडकर जयंती के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न शहरों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए
- जबलपुर: विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने अंबेडकर चौक पर माल्यार्पण कर सामाजिक समरसता का संकल्प लिया।
- रतलाम: अंबेडकर सर्कल पर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की, साथ ही लोगों को छाछ वितरित की गई।
- ग्वालियर: फूलबाग स्थित अंबेडकर पार्क में मुख्य आयोजन हुआ, जहां रैलियों का समापन किया गया।
- उज्जैन: प्रभात फेरी और माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित हुए।
- नर्मदापुरम और बैतूल: प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की।
- हरदा: सामाजिक संगठनों ने विचार गोष्ठियों का आयोजन कर बाबासाहेब के योगदान को याद किया।
महू बना आस्था और सामाजिक एकता का केंद्र
महू में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। विभिन्न राज्यों से आए अनुयायियों ने बाबासाहेब के विचारों को याद किया और सामाजिक समानता के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम के दौरान कई सामाजिक संगठनों ने रैलियां और सांस्कृतिक आयोजन भी किए, जिससे पूरा क्षेत्र सामाजिक एकता और जागरूकता का केंद्र बन गया।