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MP Teachers Must Pass TET or Face Action

MP में 1.5 लाख शिक्षकों को देनी होगी पात्रता परीक्षा, नहीं पास हुए तो नौकरी खतरे में!

मध्यप्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा देनी होगी। दो साल में परीक्षा पास नहीं करने पर सेवा से हटाने की कार्रवाई हो सकती है।


mp में 15 लाख शिक्षकों को देनी होगी पात्रता परीक्षा नहीं पास हुए तो नौकरी खतरे में

Teacher Exam |

भोपाल। मध्यप्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा देनी होगी। ऐसे शिक्षक जिनका सर्विस पीरियेड 5 साल से अधिक है, उनको दो साल के भीतर परीक्षा पास करनी होगी। ये परीक्षा जुलाई- अगस्त में होगी। परीक्षा पास ना करने वाले शिक्षकों को सेवा से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में डीपीआई ने परीक्षा देने का आदेश जारी कर दिया है। इससे प्रदेश के 1.5 लाख शिक्षकों पर नौकरी की तलवार लटक गई है।

संचालनालय ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत ऐसे सभी शिक्षकों को चिन्हित कर उन्हें पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए सूचना दें। पात्रता परीक्षा का आयोजन जुलाई-अगस्त 2026 में किया जाना प्रस्तावित है। संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो उम्मीदवार नियुक्ति या पदोन्नति के इच्छुक हैं, उनके लिए भी टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य रहेगा, अन्यथा उनकी उम्मीदवारी पर विचार नहीं किया जाएगा।

2009 से पहले नियुक्त शिक्षकों को देना अनिवार्य

लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए तीन दिन पहले प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा को लेकर निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा है कि ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने से पहले हुई है और जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी 5 वर्ष से अधिक का समय शेष है, उन्हें सेवा में बने रहने के लिए अनिवार्य रूप से टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना होगा। 

क्या बोले अधिकारी 

शासकीय शिक्षक संगठन के अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने बताया कि टीएटी को लेकर भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। आप सभी निश्चित रहे। किसी को कोई परीक्षा नहीं देना होगी। सभी एकजुट रहे और संगठन पर विश्वास करें। हम सभी की एकजुटता और संघर्ष ने अनेकों मुसीबतों का पूर्व में भी सामना किया है। और सफलता पायी है। इस समस्या से भी जल्द निजात मिलेगी। 

वहीं, एक शिक्षक जितेंद्र शाक्य का कहना है कि किसी भी साथी को घबराने की जरूरत नहीं है। बहुत जल्द हम लोग उच्च अधिकारियों से, सचिव एवं मुख्य सचिव से मिलकर इस समस्या का समाधान करने का प्रयास करेंगे।

शिक्षक संगठनों की मीटिंग कर बनाएंगे रणनीति     

अध्यापक (विज्ञान) संगठन भोपाल डीपीआई के अध्यक्ष विजय गुजरे का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि डीपीआई ने कल ही पत्र जारी किया है। हम इस संबंध में कोर्ट के आदेश का भी कानूनी परीक्षण कर रहे हैं। 2016 से नियुक्त शिक्षकों के लिए यह परीक्षा अनिवार्य है। आरटीई नियम का इससे को लेना-देना नहीं है। इस संबंध में हम जल्द ही शिक्षक संगठनों की बैठक बुलाकर रणनीति बनाएंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री से भी मिलेंगे।

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