जनपद हापुड़ के गंगा एक्सप्रेसवे पर शनिवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दिल्ली से सिद्धार्थनगर जा रही 16 यात्रियों से भरी एक प्राइवेट बस अचानक धू-धू कर जलने लगी।
प्रमोद शर्मा, हापुड़: जनपद हापुड़ के गंगा एक्सप्रेसवे पर शनिवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दिल्ली से सिद्धार्थनगर जा रही 16 यात्रियों से भरी एक प्राइवेट बस अचानक धू-धू कर जलने लगी। गांव आलमनगर के पास शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने कुछ ही पलों में बस को अपनी चपेट में ले लिया। चलते वाहन से धुआं और लपटें उठती देख यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और हर कोई अपनी जान बचाने के लिए बस से बाहर निकलने लगा।
आग पर काबू, टला हादसा
घटना की सूचना मिलते ही गढ़मुक्तेश्वर दमकल विभाग की टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने हालात को संभालते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यदि राहत और बचाव दल कुछ देर से पहुंचता तो हादसा बड़ा रूप ले सकता था। हालांकि समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) अजय शर्मा ने बताया कि शनिवार तड़के करीब 3 बजे सूचना मिली थी कि दिल्ली से सिद्धार्थनगर जा रही एक प्राइवेट बस में गांव आलमनगर के पास शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई है। सूचना मिलते ही गढ़मुक्तेश्वर फायर स्टेशन की टीम मौके पर रवाना हुई और तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर नियंत्रण पा लिया।
बस में सवार थे 16 यात्री
बताया गया कि बस में कुल 16 यात्री सवार थे। आग लगते ही चालक और परिचालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को रोका और यात्रियों को तत्काल नीचे उतार दिया। इसी कारण कोई जनहानि नहीं हुई और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे। हालांकि आग से बस को काफी नुकसान पहुंचा है। इस घटना ने एक बार फिर लंबे रूट पर चलने वाली प्राइवेट बसों की तकनीकी जांच और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि बस के विद्युत सिस्टम की समय-समय पर जांच होती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। फिलहाल दमकल विभाग ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है और मामले की जांच की जा रही है। समय रहते दमकल विभाग की तत्परता और चालक की सूझबूझ ने 16 यात्रियों की जान बचाकर एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।