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एसआईटी 28 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में पेश करे स्टेटस रिपोर्ट...

एसआईटी 28 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में पेश करे स्टेटस रिपोर्ट...

भोपाल। भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर 11 मई को मप्र सरकार के जनजातीय कल्याण विभाग के मंत्री विजय शाह द्वारा दिए गए बयान की जांच कर रही एसआईटी 28 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी।

एसआईटी 28 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में पेश करे स्टेटस रिपोर्ट

भोपाल। भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर 11 मई को मप्र सरकार के जनजातीय कल्याण विभाग के मंत्री विजय शाह द्वारा दिए गए बयान की जांच कर रही एसआईटी 28 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी। इससे पहले एसआईटी ने शाह के बयान दर्ज कर लिए है। बताया गया कि एसआईटी ने शाह को बयान देने के लिए पिछले हफ्ते जबलपुर बुलाया था। कई बिंदुओं पर पूछताछ की गई, शाह के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच दल को मंत्री के बयान दर्ज करने में पूरे दो महीने का समय लग गया है।

मंत्री शाह ने 11 मई को इंदौर जिले की महू विधानसभा क्षेत्र के मानपुर थाने के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम सार्वजनिक तौर पर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अर्नगल बयानबाजी की थी। इस बयान को भारतीय सेना के कर्नल सोफिया कुरैशी से जोड़कर बताया गया। शाह के इस बयान पर मप्र उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेेते हुए मंत्री पर देशद्रोह समेत अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए। इसके खिलाफ शाह ने सर्वोच्च न्यायालय में शरण ली। साथ ही अपने बयान पर बार-बार खेद प्रकट थी किया। सर्वोच्च न्यायालय ने 19 मई को पुलिस महानिदेशक को मप्र के बाहर के मूल के 3 आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी गठित करने के आदेश दिए।

एसआईटी को 28 मई को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा। बाद में एसआईटी ने जांच के लिए और वक्त मांगा। जुलाई के पहले हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट करने का समय दिया। सर्वोच्च न्यायालय के इस कदम से शाह को उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ बड़ी राहत मिल गई। क्योंकि शाह को देशद्रोह की धाराओं में गिरफ्तारी देनी पड़ती तब उन्हें मंत्री पद से भी हाथ धोना पड़ सकता था।

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