भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इसने पुलिस को भी चौंका दिया है। कोहेफिजा इलाके में एक MBBS डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से भारी मात्रा में नकली करेंसी बरामद हुई। आरोपी की पहचान सेफु इस्लाम के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और लंबे समय से भोपाल के शाहपुरा इलाके में रह रहा था।
पुलिस ने उसे सेफिया कॉलेज ग्राउंड के पास संदिग्ध हालत में पकड़ा। शुरुआती जांच में नकली नोटों के साथ-साथ विदेशी नेटवर्क से जुड़े संकेत भी सामने आए हैं। आगे की जांच के लिए आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
नकली नोटों का जखीरा और चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास से 500-500 रुपये के कुल 280 नकली नोट बरामद हुए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 1 लाख 40 हजार रुपये है। इन नोटों को बेहद बारीकी से तैयार किया गया था, जिससे असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह करेंसी कहां से और कैसे लाई गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी करेंसी एक्सचेंज का काम भी करता था और अलग-अलग जगहों पर नकली नोट खपाने की कोशिश कर रहा था।
विदेशी कनेक्शन और हाईटेक तरीका
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपने नेटवर्क को छुपाने के लिए हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल करता था। उसके फोन से यूके का +44 नंबर मिला है, जिससे वह व्हाट्सएप कॉलिंग करता था। इसके अलावा अमेरिका का ISD कोड भी उसके मोबाइल में पाया गया है, जिससे पुलिस को शक है कि उसके अंतरराष्ट्रीय लिंक हो सकते हैं। एसीपी अनिल वाजपाई के मुताबिक आरोपी Apple iPhone का इस्तेमाल करता था और अपनी असली पहचान छुपाने के लिए विदेशी सिम का सहारा लेता था।
साइबर टीम के रडार पर पूरा नेटवर्क
पुलिस अब आरोपी के मोबाइल डेटा, चैट और बैंक ट्रांजेक्शन की गहन जांच कर रही है। साइबर एक्सपर्ट्स यह पता लगाने में जुटे हैं कि वह किन लोगों के संपर्क में था। शुरुआती जानकारी के अनुसार उसके बैंक अकाउंट में कुछ संदिग्ध विदेशी ट्रांजेक्शन भी मिले हैं। इन लेनदेन की जांच कई एजेंसियों की निगरानी में की जा रही है। पुलिस को शक है कि यह मामला सिर्फ नकली नोटों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
पुलिस रिमांड और आगे की जांच
आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी है ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, जिसमें ट्रैवल हिस्ट्री, सोशल मीडिया और फाइनेंशियल रिकॉर्ड शामिल हैं।