Mann Ki Baat : नई दिल्ली। मन की बात के 125वें संस्करण में प्रधानमंत्री ने कहा कि, "इस मानसून के मौसम में, प्राकृतिक आपदाएं देश की परीक्षा ले रही हैं। पिछले कुछ हफ़्तों में हमने बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही देखी है। घर तबाह हो गए, खेत जलमग्न हो गए, पूरे परिवार बर्बाद हो गए। पानी के लगातार बढ़ते दबाव ने पुल-सड़कें बहा दीं और लोगों की जान खतरे में पड़ गई। इन घटनाओं ने हर भारतीय को दुखी किया है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनका दर्द हम सभी साझा करते हैं।"
"जहाँ भी संकट आया, हमारे NDRF-SDRF के जवान और अन्य सुरक्षा बल दिन-रात लोगों को बचाने में जुटे रहे। जवानों ने तकनीक की भी मदद ली। थर्मल कैमरों, लाइव डिटेक्टरों, खोजी कुत्तों और ड्रोन सर्विलांस की मदद से राहत कार्यों में तेज़ी लाने की कोशिश की गई। इस दौरान हेलीकॉप्टरों से राहत सामग्री पहुँचाई गई और घायलों को एयरलिफ्ट किया गया। आपदा के समय सशस्त्र बल मदद के लिए आगे आए। स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, डॉक्टरों, प्रशासन - सभी ने संकट की इस घड़ी में हर संभव प्रयास किया। मैं ऐसे हर नागरिक का हृदय से धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने इस कठिन समय में मानवता को प्राथमिकता दी।"