मध्य प्रदेश के मैहर सिविल अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए लगाई लिफ्ट कई सप्ताह से बंद है। आईसीयू, जनरल और डायलिसिस वार्ड ऊपर होने से मरीजों को सीढ़ियों से जाना पड़ रहा है।
मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में स्थित सिविल अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए लगाई गई लिफ्ट पिछले कई सप्ताह से खराब होकर बंद पड़ी है। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल, अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर जनरल वार्ड, आईसीयू और डायलिसिस वार्ड संचालित हो रहे हैं। लिफ्ट बंद होने के कारण मरीजों को सीढ़ियों या रैंप के सहारे ऊपर जाना पड़ रहा है।
बुजुर्ग और गंभीर मरीजों की बढ़ी परेशानी
लिफ्ट बंद होने के चलते सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग, महिलाओं और गंभीर बीमारी से जुझ रहे मरीजों और डायलिसिस कराने वालों को हो रही है। कई मरीजों के लिए सीढ़ियाँ चढ़ना मुश्किल होने के साथ जोखिम भरा भी हो सकता है। व्हीलचेयर और स्ट्रेचर से मरीजों को ऊपरी मंजिल तक ले जाने में भी परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में मूलभूत सुविधाएँ हर हाल में सुचारु रहन ी चाहिए। लिफ्ट की सुविधा तत्काल बहाल होने से बुजुर्ग, गंभीर और डायलिसिस मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है।
लाखों की लिफ्ट फिर भी मरम्मत का इंतजार
मरीजों की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से लगाई गई लिफ्ट का लंबे समय से बंद रहना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। मरीजों का कहना है कि जब लिफ्ट खराब है तो उसे जल्द से जल्द दुरुस्त कराया जाना चाहिए। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर जरूरी सुविधाओं को सुचारु संचालन बेहद जरूरी है।
जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
लिफ्ट लंबे समय से बंद होने के बावजूद अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से इसे गंभीरता न लिया जाना चिंता का विषय है। स्वास्थ्य सुविधा के केंद्र में मरीजों की सहूलियत सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन यहां मरीजों को ही असुविधा झेलनी पड़ रही है।
कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
जनहित के इस मामले में जिला कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। मांग है कि सिविल अस्पताल मैहर की बंद पड़ी लिफ्ट को जल्द चालू कराने के निर्देश दिए जाएं। इसके साथ ही लिफ्ट के लंबे समय से खराब रहने के कारणों की जांच कर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी या संबंधित व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए।