बस्तर में महतारी वंदन उत्सव के दौरान 69 लाख महिलाओं के खातों में 641 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। साथ ही लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट और मिलेट कैफे योजना की शुरुआत की गई।
बस्तर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में ‘महतारी वंदन उत्सव’ का आयोजन काफी भव्य तरीके से किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की लाखों महिलाओं को बड़ी सौगात दी। उन्होंने योजना की 25वीं किस्त के रूप में लगभग 69 लाख महिलाओं के खातों में 641 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक दो साल में करीब 16 हजार करोड़ रुपये महिलाओं को दिए जा चुके हैं।
महिलाओं से किया वर्चुअल संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्चुअल माध्यम से राज्य के पांच जिलों की महिलाओं से बातचीत भी की। इस दौरान उन्होंने ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ का वितरण किया और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके अलावा सक्षम योजना के तहत पुनर्वासित महिलाओं को ऋण भी दिया गया, ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, वन मंत्री केदार कश्यप और विधायक किरण देव भी मौजूद रहे।
मिलेट उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ योजना शुरू की गई है। इसके तहत हितग्राहियों को सक्षम योजना से एक-एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिलेट उत्पादों को बढ़ावा देने के आह्वान के बाद राज्य सरकार ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि महाविद्यालय के सहयोग से ‘साथी परियोजना’ के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।
400 मिलेट कैफे और कार्ट खोलने की योजना
इस योजना के पहले चरण में राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और पर्यटन स्थलों पर 400 मिलेट कैफे और मिलेट कार्ट खोले जाएंगे। इनका संचालन स्व-सहायता समूहों और युवा महिला उद्यमियों के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही परियोजना के तहत महिलाओं को मुफ्त प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे मिलेट से जुड़े उत्पाद तैयार कर सकें और अपना कारोबार आगे बढ़ा सकें। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ मिलेट उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार और आर्थिक मजबूती भी मिलेगी।