उज्जैन के महिदपुर में नेग को लेकर दो किन्नर गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। वायरल वीडियो के बाद पंचायत ने बड़ा फैसला लिया है। वहीं, पुलिस जांच में जुट गई है।
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन के महिदपुर तहसील के खुरचेनिया प्रताप गांव से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां नेग को लेकर किन्नरों के दो गुटों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। लाठी-डंडों से हुई मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। वहीं, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
दरअसल, इस समय श्रावण का महीना चल रहा था। इस त्योहार के अवसर पर एक किन्नर गुट गांव में घर-घर जाकर बधाई और नेग मांग रहा था। इसी दौरान दूसरा गुट वहां पहुंचा और पहले गुट पर फर्जी किन्नर बनकर नेग लगाने का आरोप लगाया। आरोप-प्रत्यारोप कुछ ही देर में हिंसक मारपीट तक पहुंच गए और कई लोग इसकी चपेट में आ गए।
मारपीट का वीडियो बना जांच का अहम आधार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक गुट ने दूसरे पक्ष के तीन लोगों पर लाठियों और लकड़ियों से हमला किया। आरोप है कि उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। बीच-बचाव करने पहुंचे कुछ ग्रामीणों को भी कथित तौर पर धमकाया गया। इसी दौरान मौजूद एक ग्रामीण ने पूरी घटना अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली। वायरल वीडियो में कुछ लोग खुलेआम लाठी-डंडों से हमला करते और अन्य लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं।
गांव में हिंसा के बाद पंचायत का फैसला
घटना के बाद ग्रामीणों ने चौपाल लगाकर पंचायत बुलाई और भविष्य को लेकर सख्त फैसला लिया। पंचायत ने तय किया कि आगे से किसी भी किन्नर गुट को गांव मनें प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही मांगलिक कार्यक्रमों या अन्य अवसरों पर नेग लेने-देने की परंपरा पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि कोई गुट दोबारा गांव पहुंचा तो उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत कर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
मारपीट का वीडियो बना आधार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक पक्ष ने दूसरे गुट के तीन लोगों पर लाठियों और लकड़ियों से हमला किया। आरोप है कि उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। बीच-बचाव करने पहुंचे कुछ ग्रामीणों को भी कथित तौर पर धमकाया गया। इसी दौरान मौजूद एक ग्रामीण ने पूरी घटना अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली। वायरल वीडियो में कुछ लोग खुलेआम लाठी-डंडों से हमला करते और अन्य लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस को सौंपी गई लिखित शिकायत
ग्रामीणों ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और वीडियो सहित अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।