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प्रयागराज में माघ मेले में महाकुंभ जैसा नजारा:साधु-संतों ने जमाया डेरा, पहली बार भगवा रंग पीपा

प्रयागराज में माघ मेले में महाकुंभ जैसा नजारा:साधु-संतों ने जमाया डेरा, पहली बार भगवा रंग पीपा वाला पुल

प्रयागराज में माघ मेले में महाकुंभ जैसा नजारासाधु-संतों ने जमाया डेरा पहली बार भगवा रंग पीपा वाला पुल

प्रयागराज की त्रिवेणी संगम भूमि पर 3 जनवरी 2026 से शुरू होने वाले माघ मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। साधु-संतों ने अपने-अपने डेरा जमा दिए हैं और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पूरी व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। इस बार मेले की एक खास बात यह है कि पहली बार सातों पांटून (पीपा) पुलों को भगवा रंग में रंगा गया है, जिससे महाकुंभ जैसा भव्य दृश्य तैयार हो रहा है।

महाकुंभ जैसी भव्यता

माघ मेले में इस बार अनुमानित 12-15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। प्रशासन ने मेला क्षेत्र को सात सेक्टरों में बांटा है और 8 किलोमीटर लंबा अस्थायी स्नान घाट तैयार किया जा रहा है.साधु-संतों के अनुसार, यह मेला 75 वर्षों के बाद एक विशेष संयोग के साथ आ रहा है। इसे और भी दिव्य और भव्य बनाने के लिए बिजली, पानी, सफाई और 24 घंटे जमीन समतलीकरण का काम चल रहा है.

पहली बार भगवा पांटून पुल

इस बार सातों पीपा पुलों को भगवा रंग में रंगा गया है, जो मेला प्रशासन की रंग योजना का हिस्सा है। इसके अलावा, मेले के लिए पहली बार विशेष लोगो जारी किया गया है, जिसमें त्रिवेणी की महिमा और साइबेरियन पक्षी का चित्रण किया गया है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

शहर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं को अपग्रेड कर रही हैं, ताकि मेले का अनुभव और भी सहज और सुरक्षित हो।

माघ मेला 2026, 2025 के महाकुंभ के बाद प्रयागराज में होने वाला पहला बड़ा धार्मिक आयोजन है और इसे ऐतिहासिक रूप से यादगार बनाने के लिए प्रशासन और श्रद्धालु दोनों ही तत्पर हैं।

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