Breaking News
  • उत्तर प्रदेश में 20 हजार पदों पर आउटसोर्स भर्तियां होंगी, 426 करोड़ बजट बढ़ा
  • कुबेरेश्वर में 14 फरवरी से रुद्राक्ष महोत्सव- रुद्राक्ष नहीं बंटेंगे, पहली बार 2.5 किमी का पैदल कॉरिडोर
  • विदिशा में 30 फीट गहरे तालाब में गिरी कार, 3 बारातियों की मौत 7 घायल
  • राजस्थान- शादी समारोह में एसिड पीने से 4 की मौत, मृतकों में तीन महिलाएं भी शामिल
  • प्रधानमंत्री ऑफिस आज सेवा तीर्थ में शिफ्ट होगा, साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट मीटिंग
  • टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी जीत:, 47वीं बार 200+ स्कोर बनाया
  • बांग्लादेश चुनाव में BNP की जीत पर PM मोदी ने तारिक रहमान को बधाई दी
  • दिल्ली के कई स्कूलों को बम की धमकी, पुलिस ने जांच शुरू की

होम > प्रदेश > उत्तर प्रदेश

माघ मेला: सीएम योगी ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी

माघ मेला: सीएम योगी ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी

माघ मेला सीएम योगी ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी

माघ मेला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगम पर पवित्र स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई. सीएम योगी ने तीन बार संगम में डुबकी लगाई और संगम नोज के पास सतुआ बाबा के साथ बोटिंग भी की. मुख्यमंत्री के साथ ही मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पांच डुबकी लगाईं, जबकि विधायक नंद गोपाल नंदी ने सात बार संगम में स्नान किया। इस शुभ अवसर पर सभी ने गंगा की महिमा का आह्वान करते हुए धार्मिक परंपरा का पालन किया।

गंगा पूजन और मंदिर दर्शन

संगम नोज पर स्नान के बाद योगी आदित्यनाथ ने गंगा पूजन किया और श्री लेटे हनुमान जी मंदिर के दर्शन के लिए रवाना हुए. इसके बाद सीएम योगी जगद्गुरु महामंडलेश्वर सतुआ बाबा के शिविर पहुंचे, जहां उन्होंने साधु-संतों के साथ भोजन किया। इसके बाद आईसीसीसी सभागार में माघ मेले की समीक्षा बैठक की जाएगी। इस बैठक में मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख स्नान पर्वों की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।

माघ मेला में श्रद्धालुओं का सैलाब

कड़ाके की ठंड के बावजूद माघ मेला श्रद्धालुओं से भरा पड़ा है। रोजाना लगभग 10 लाख लोग संगम में स्नान करते हैं। संगम की रेती पर साधु-संत, अखाड़े और कल्पवासियों का डेरा जमा हुआ है.

माघ मेला विदेशी श्रद्धालुओं को भी लुभा रहा

माघ मेला केवल भारतीयों तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशी श्रद्धालु भी यहां आकर भारतीय संस्कृति का आनंद ले रहे हैं. माघ मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार का भी सशक्त माध्यम बन रहा है।