मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है और 11 अगस्त को कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना है। राजगढ़, अलीराजपुर, रतलाम समेत 10 जिलों में बारिश का अलर्ट है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियाँ तेज बनी हुई हैं। 11 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, मौसम विभाग ने राजगढ़, अलीराजपुर, रतलाम समेत 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
भोपालि मौसम केंद्र के अनुसार, अगले 24 घंटे में मध्य प्रदेश के मध्य, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश ज्यादा प्रभाव रह सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में पानी भरने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थिति बन सकती है। बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवा का जोखिम भी रहेगा।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने राजगढ़, अलीराजपुर, रतलाम, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी, मुरैना और श्योपुरकलां में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम के बदलते हालात पर नजर रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल,बुरहानपुर,खंडवा,खरगोन,इंदौर,उज्जैन,देवास, शाजापुर, अशोकनगर, ग्वालियर,दतिया,रीवा,सतना,अनूपपुर,शहडोल,उमरिया,डिंडौरी,कटनी,जबलपुर,नरसिंहपुर,सिवनी,मंडला,बालाघाट,छतरपुर,टीकमगढ़, सागर,छिंदवाड़ा और पन्ना में भी कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
मानसून ट्रफ और निम्न दबाव से बदला मौसम
भोपाल मौसम केंद्र के वैज्ञानिक के अनुसार, प्रदेश में मानसून ट्रफ सक्रिय है। साथ ही वातावरण में पर्याप्त नमी मौजूद है। यही परिस्थितियाँ अगले 24 घंटे के दौरान बारिश की गतिविधियों को बढ़ा सकती हैं। तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। IMD के ताजा मौसम बुलेटिन में उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव क्षेत्र भी मौसम प्रणाली का हिस्सा बताया गया है। यह सिस्टम दतिया और आसपास के क्षेत्र से होते हुए आगे पू्र्व की दिशा में सक्रिय मौसम तंत्र से जुड़ा है।
बारिश बढ़ी तो इन इलाकों में परेशानी
भारी बारिश वाले जिलों में सबेस बड़ी चिंता निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव की है। लगातार बारिश होने पर नदी और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। इससे कुछ मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। तेज हवा और बिजली गिरने का खतरा भी बारिश के साथ बना रहेगा। कमजोर मकानों और दूसरी कमजोर संरचनाओं को नुकसान हो सकता है। सड़क और रेल यातायात पर भी बारिश का असर पड़ सकता है। ऐसे में स्थानीयच स्तर पर जलभराव वाले रास्तों और नदी-नालों के आसपास अतिरिक्ति सतर्कता जरूरी होगी।
किसानों के लिए भी सावधानी जरूरी
बारिश के बीच किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है। खेतों में जमा पानी होने से फसलों को नुकसान हो सकता है। बिजली कड़कने के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचना जरूरी है। तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए कृषि उपकरण और खुले में रखा अनाज सुरक्षित जगह पर रखने की सलाह दी गई है। खासकर उन इलाकों में जहां भारी बारिश का अलर्ट है। वहां, मौसम की स्थिति देखकर ही खेती से जुड़े काम करने में सावधानी बरतनी होगी।
आम लोग इन बातों का ध्यान रखें
भारी बारिश के दौरान गैरजरूरी यात्रा से बचना बेहतर रहेगा। बिजली चमकने के समय खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। नदी-नालों और पुल-पुलियाओं के पास जाने से भी बचने की सलाह है। जिन रास्तों पर पानी भर गया हो वहां वाहन निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना खास तौर पर उन जिलों में जरूरी है जहां भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है। मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने के कारण अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।