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मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम: महिलाओं को सौंपेगा सड़क-सुरक्षा से जुड़े काम

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम: महिलाओं को सौंपेगा सड़क-सुरक्षा से जुड़े काम

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम महिलाओं को सौंपेगा सड़क-सुरक्षा से जुड़े काम

निगम ने लैंगिक समानता एवं सामाजिक समावेशन पर आयोजित की कार्यशाला

वर्तमान समय में महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे में नॉन-लेबर इंटेंसिव (गैर श्रम प्रधान) कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाना आवश्यक है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने अपने कार्यक्षेत्र में जेंडर इक्वालिटी को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। निगम द्वारा सड़क सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम से जुड़े कार्यों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

यद्यपि नगरीय प्रशासन एवं ग्रामीण विकास विभाग महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं, लेकिन एमपीआरडीसी ने भी अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में सराहनीय पहल की है। यह बात एमपीआरडीसी द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव ने कही।

यादव ने बताया कि वर्तमान में एमपीआरडीसी में महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाएं टोल संग्रहण का कार्य कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, हाइब्रिड एम्युनिटी मॉडल (HAM) पर संचालित परियोजनाओं के अंतर्गत सड़क मार्ग पर विकसित की जा रही साइड एमेनिटीज से भी महिलाओं को जोड़ा जाएगा।

कार्यशाला में निगम के मुख्य अभियंता और एडीबी के सहयोग से संचालित परियोजना के निदेशक गोपाल सिंह ने बताया कि निगम द्वारा 200 से अधिक महिलाओं के लिए महिला इंटर्नशिप कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह पहल एसआरएलएम के सहयोग से शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य अधोसंरचना क्षेत्र को अधिक समावेशी बनाना है।

इस अवसर पर एमपीआरडीसी और तकनीकी शिक्षा विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए गए। कार्यक्रम में निगम के मुख्य तकनीकी सलाहकार आर.के. मेहरा सहित लोक निर्माण विभाग और मप्र भवन विकास निगम के वरिष्ठ अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित थे।

बेटियों को अवसर मिले तो बेहतर करेंगी

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और आयुक्त, तकनीकी शिक्षा विभाग अवधेश शर्मा ने कहा कि यदि तकनीकी क्षेत्र में बेटियों को उचित अवसर दिए जाएं, तो वे और बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि माननीय प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित विकास के चार स्तंभों में महिला सशक्तिकरण एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।