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मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, हाईकोर्ट के FIR वाले आदेश को दी चुनौती

मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, हाईकोर्ट के FIR वाले आदेश को दी चुनौती

मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हाईकोर्ट के fir वाले आदेश को दी चुनौती

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। MP हाईकोर्ट के FIR दर्ज करने वाले आदेश के खिलाफ याचिका उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली है। मंत्री विजय शाह ने जल्द सुनवाई की मांग भी की है। 14 मई को दिन में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ FIR का आदेश दिया था। आदेश के अनुपालन में रात 11 बजे FIR हुई। 15 मई की सुबह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। ये भी संभव है कि, आज ही सुनवाई हो।

कर्नल सोफिया कुरैशी से जुड़ा आपत्तिजनक बयान देने पर हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया था और डीजीपी को आज (14 मई) की तारीख में ही FIR करने का आदेश दिया था। इंदौर के मानपुर थाने में मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इससे पहले उच्च न्यायालय ने कहा था कि, टिप्पणियां 'अपमानजनक' और 'खतरनाक' हैं।

न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने विजय शाह के बयान का स्वत: संज्ञान लिया था। उच्च न्यायालय ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को 14 मई, 2025 को शाम 6 बजे तक भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152, 196 (1) (बी) और 197 (1) (सी) के तहत मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।

उच्च न्यायालय ने पहले निर्देश दिया था कि यदि समय सीमा तक एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो डीजीपी को 15 मई, 2025 को निर्धारित अगली सुनवाई के दौरान अवमानना ​​कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है। अदालत द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में मंत्री विजय शाह की टिप्पणी को भड़काऊ और राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए संभावित रूप से खतरा माना गया।

एफआईआर दर्ज होने पर कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने कहा, "धारा 152 में आजीवन कारावास तक की सजा है। धारा 196 एवं 197 में 3 से 5 वर्ष की सजा का प्रावधान है। FIR रजिस्टर होने पर गिरिफ्तारी ही एक रास्ता। मंत्री जी की भद्दी टिप्पणी से राष्ट्र आहत और अपमानित।"

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