मध्य प्रदेश के शहडोल में बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।
मध्य प्रदेश में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई, वहीं शहडोल में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आने वाले चार दिनों में कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है।मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते बारिश का दौर जारी रहेगा। सोमवार को उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
शहडोल में खेत में काम कर रहे लोगों पर गिरी बिजली
शहडोल जिले में रविवार को तेज बारिश के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने की घटनाएं सामने आईं। हादसों में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि चार से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक 11 साल का बच्चा भी शामिल है।पहली घटना जैतपुर थाना क्षेत्र की झींक बिजुरी चौकी के ग्राम झींक में हुई। यहां धान की रोपाई कर रहे लोगों पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। हादसे में किशन (28) की पत्नी राकेश गंभीर रूप से झुलस गईं।उन्हें पहले झींक बिजुरी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण जिला अस्पताल शहडोल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया से बढ़ी बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके अलावा लो प्रेशर एरिया और डिप्रेशन भी सक्रिय है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ का असर भी देखने को मिल सकता है। इसी वजह से 27 से 30 जुलाई के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में भारी और अति भारी बारिश का अनुमान है।
MP में सामान्य से 15% कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच यानी 334.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है। जबकि इस अवधि तक सामान्य बारिश करीब 15.5 इंच यानी 395.2 मिमी होनी चाहिए थी।प्रदेश में अब तक करीब 2.3 इंच बारिश कम हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 13 प्रतिशत दर्ज की गई है।
इटारसी में बारिश के लिए शिवलिंग को जल में डुबोया
इधर, इटारसी क्षेत्र में कम बारिश को देखते हुए किसानों और ग्रामीणों ने अच्छी वर्षा के लिए धार्मिक अनुष्ठान किया। तिलक सिंदूर मंदिर में बम बाबा समिति की ओर से भगवान भोलेनाथ का विशेष जलाभिषेक किया गया।श्रद्धालुओं ने बारिश, किसानों की समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना करते हुए शिवलिंग को पूरी तरह जल में स्थापित किया। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी। रुद्राभिषेक और विशेष पूजा के साथ बारिश के लिए प्रार्थना की गई।
41 जिलों में बारिश का आंकड़ा अभी भी कम
प्रदेश के 14 जिलों में बारिश सामान्य से ज्यादा हुई है, जबकि 41 जिलों में अभी भी आंकड़ा माइनस में है। पूर्वी हिस्से में केवल निवाड़ी ऐसा जिला है जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।कम बारिश वाले जिलों में शहडोल, अनूपपुर, बालाघाट, मंडला, उमरिया, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, सागर समेत कई जिले शामिल हैं।वहीं मंदसौर, दमोह, सिवनी, भोपाल, इंदौर, देवास, हरदा, नीमच, राजगढ़ और सीहोर जैसे जिलों में बारिश की स्थिति बेहतर रही है।
बड़े शहरों में जुलाई बारिश के रिकॉर्ड
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इंदौर: 27 जुलाई 1913 को 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड दर्ज है।
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भोपाल: जुलाई महीने में करीब 41 इंच बारिश का रिकॉर्ड वर्ष 1986 में बना था।
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जबलपुर: वर्ष 1915 में 24 घंटे में 13.5 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
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ग्वालियर: वर्ष 1935 में जुलाई महीने में करीब 24.5 इंच बारिश हुई थी।
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उज्जैन: जुलाई में सालाना बारिश का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो जाता है।
फिलहाल मौसम विभाग की नजर सक्रिय सिस्टम पर है। अगले कुछ दिन प्रदेश के कई जिलों के लिए बारिश के लिहाज से अहम रहने वाले हैं।