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महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब, चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में निकलेगी सवारी

महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब, चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में निकलेगी सवारी

महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में निकलेगी सवारी

Last Sawan Somvar : उज्जैन, मध्य प्रदेश। श्रावण महीने का आज चौथा और आखिरी सोमवार है। इस अवसर पर महाकाल मंदिर में भोर से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है। मंदिर जय महाकाल और ओम नम : शिवाय से गुंजाएमान है।

जानकारी के अनुसार, आज शाम 4 बजे महाकाल भक्तों का हाल जानने चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में नगर भ्रमण पर निकलेंगे। पालकी में श्री महाकालेश्वर श्री चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में, गजराज पर श्री मनमहेश रूप, गरुड रथ पर श्री शिव तांडव प्रतिमा, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश जी के स्वरुप में दर्शन देंगे। 

महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर भस्म आरती का आयोजन किया गया। मंदिर के पुजारी पंडित आशीष शर्मा ने बताया कि वीरभद्र जी से अनुमति लेने के बाद मंदिर के पट खोले गए। गर्भगृह में स्थापित सभी देवताओं की पूजा-अर्चना की गई।

बाबा महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत, और फलों के रस से किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़ा द्वारा शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई।

विशेष श्रृंगार में बाबा को नवीन मुकुट और गुलाब-मोगरे की माला अर्पित की गई। इस बार खास तौर पर भांग से बाबा का श्रृंगार किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। भस्म आरती में शामिल भक्तों ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं।

श्रावण मास में भक्तों की भीड़

श्रावण मास के पहले सोमवार को 2.5 लाख, दूसरे पर 3 लाख, और तीसरे पर 4 लाख श्रद्धालु महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे थे। अंतिम सोमवार को तड़के 2:30 बजे से सुबह 7 बजे तक 35,000 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। भक्त रातभर कतार में खड़े रहकर अपने आराध्य के दर्शन का इंतजार करते रहे। 

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