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Ladli Behna Yojana: HC Rejects Plea on New Registr

लाड़ली-बहना योजना के नए पंजीयन पर ब्रेक, हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज

लाड़ली बहना योजना में नए पंजीयन और 3000 रुपए देने की मांग पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, कहा यह सरकार का नीतिगत फैसला है

लाड़ली-बहना योजना के नए पंजीयन पर ब्रेक हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज

मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ को लेकर इंदौर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने योजना में नए पंजीयन शुरू करने, राशि बढ़ाकर 3000 रुपये करने और आयु सीमा में बदलाव की मांग वाली जनहित याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।

जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि योजना कब शुरू करनी है और कब बंद करनी है, यह सरकार का नीतिगत फैसला है। इसमें कोर्ट तब तक दखल नहीं दे सकता, जब तक कि वह पूरी तरह असंवैधानिक न हो।

पूर्व विधायक सकलेचा ने दी थी चुनौती

पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने वरिष्ठ अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल के माध्यम से कोर्ट में दलील दी थी कि योजना 20 अगस्त 2023 से बंद है। उन्होंने तर्क दिया कि जो महिलाएं 20 अगस्त 2023 के बाद 21 वर्ष की हुई हैं, उन्हें पोर्टल बंद होने के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) के खिलाफ है। सकलेचा ने अपनी याचिका में यह मांग भी की थी कि चुनावी वादे के मुताबिक लाड़ली बहना योजना की हितग्राहियों को 3000 रुपये प्रति माह की राशि दी जाए।

कोर्ट ने कहा- ‘हम सरकार की बुद्धिमत्ता की जांच नहीं करते’

शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता संदीप भार्गव ने तर्क दिया कि यह एक कार्यकारी नीति है और इसमें कोई मनमानी नहीं है। कोर्ट ने सरकार के तर्कों से सहमति जताते हुए आदेश में कहा कि योजना की तारीखें तय करना राज्य का अधिकार क्षेत्र है। इसे ‘शत्रुतापूर्ण भेदभाव’ नहीं माना जा सकता। न्यायालय केवल नीति की वैधता की जांच करता है, उसकी बुद्धिमत्ता की नहीं।कोर्ट ने पाया कि 21 से 60 वर्ष की आयु सीमा और पंजीकरण की समय-सीमा तय करने में कुछ भी असंवैधानिक नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट जाएगी लड़ाई

याचिका खारिज होने के बाद पारस सकलेचा ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ माननीय उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने इस योजना में न्यूनतम आयु 18 वर्ष करने और अधिकतम आयु सीमा हटाकर जीवनपर्यंत लाभ देने की मांग भी की थी।

 

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