दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नए सरकारी आवास को लेकर विवाद तेज। बीजेपी ने लग्जरी लाइफस्टाइल के आरोप लगाए, AAP ने तस्वीरों को फर्जी बताया।
दिल्ली की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। Arvind Kejriwal के नए सरकारी आवास को लेकर भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) और आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) आमने-सामने हैं। आरोप और पलटवार के बीच मुद्दा अब “सादगी बनाम आलीशान जीवन” की बहस में बदल चुका है।
बीजेपी का आरोप: “सादगी की छवि, लेकिन रहन-सहन लग्जरी”
दिल्ली सरकार में मंत्री Parvesh Verma ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 95, लोधी एस्टेट स्थित आवास की तस्वीरें जारी करते हुए गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि केजरीवाल ने अपने सरकारी घर को आलीशान बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जो नेता खुद को आम आदमी और सादगी का प्रतीक बताते थे, वही अब ‘शीशमहल’ जैसी जिंदगी जी रहे हैं।” वर्मा ने इसे “शीशमहल 2” करार देते हुए दावा किया कि यह मामला जनता के सामने लाया जाना जरूरी है।


95 लोधी एस्टेट: कैसा है केजरीवाल का नया घर?
Arvind Kejriwal हाल ही में 95, लोधी एस्टेट स्थित सरकारी बंगले में शिफ्ट हुए हैं। यह आवास उन्हें राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष के रूप में आवंटित किया गया है। करीब 5,000 वर्गफुट में फैला यह टाइप-VII श्रेणी का बंगला है, जो सरकारी आवासों की दूसरी सबसे बड़ी कैटेगरी में आता है। इसमें शामिल हैं
- चार बेडरूम
- विशाल हॉल और डाइनिंग एरिया
- ऑफिस स्पेस और वेटिंग रूम
- दो बड़े लॉन
- गैराज और तीन सर्वेंट क्वार्टर


AAP का पलटवार: “तस्वीरें फर्जी”
बीजेपी के आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पूर्व सीएम Atishi Marlena ने जारी की गई सभी तस्वीरों को “फर्जी” बताया। उनका कहना है कि यह तस्वीरें केजरीवाल के आवास की नहीं हैं और जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर पारदर्शिता की बात है, तो अन्य नेताओं को भी अपने आवास जनता के लिए खोलने चाहिए—इसके बाद लोग खुद तय कर लेंगे कि कौन सादगी में और कौन वैभव में जी रहा है।
विवाद की जड़
इस आवास को लेकर मामला अदालत तक भी पहुंचा था। केजरीवाल ने आवास के लिए Delhi High Court का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने निर्धारित समय में उन्हें आवास उपलब्ध कराया।