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बांग्लादेश की घटनाओं से थे व्यथित: सनातन अपनाकर असद खान बने ‘अथर्व त्यागी’

बांग्लादेश की घटनाओं से थे व्यथित: सनातन अपनाकर असद खान बने ‘अथर्व त्यागी’

मध्य प्रदेश के इंजीनियर असद खान ने काशी में सनातन धर्म अपना लिया है और अथर्व त्यागी बन गए हैं।

बांग्लादेश की घटनाओं से थे व्यथित सनातन अपनाकर असद खान बने ‘अथर्व त्यागी’

उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी में एक ऐसा मामला सामने आया है. जिसकी चर्चा देशभर में हो रही है। मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहने वाले 33 वर्षीय इंजीनियर असद खान ने सनातन धर्म अपना लिया है । धर्म परिवर्तन के बाद उन्होंने अपना नया नाम अथर्व त्यागी रखा है यह फैसला अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय से उनके भीतर चल रहे वैचारिक मंथन का नतीजा बताया जा रहा है।

बांग्लादेश की घटनाओं से मन हुआ आहत

 अथर्व त्यागी का कहना है कि हाल के वर्षों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा और हत्याओं की खबरों ने उन्हें गहराई से झकझोर दिया उन्होंने बताया कि जब वे इन घटनाओं को देखते थे तो मन में लगातार सवाल उठते थे धर्म, मानवता और आस्था को लेकर । धीरे-धीरे उनका झुकाव सनातन दर्शन की ओर बढ़ने लगा। गीता उपनिषद और हिंदू दर्शन से जुड़े ग्रंथों का अध्ययन करते-करते उन्होंने अपने जीवन को एक नई दिशा देने का फैसला किया ।

काशी में विधि-विधान से किया धर्म परिवर्तन

असद खान काशी पहुंचे जहां विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उन्होंने सनातन धर्म अपनाया. इस दौरान पुरोहितों की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान किए गए और शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें नया नाम अथर्व त्यागी दिया गया। 

'यह मेरा निजी और वैचारिक निर्णय है'

अथर्व त्यागी कहते हैं मैंने किसी के खिलाफ नहीं  बल्कि अपने भीतर की आवाज सुनकर यह कदम उठाया है। सनातन धर्म के मूल विचार अहिंसा, करुणा और मानवता मुझे गहराई से छूते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को जन्म देना नहीं  बल्कि अपने जीवन को अपने विश्वास के अनुसार जीना है ।

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