कर्नाटक कांग्रेस विधायकों का अयोध्या दौरा, राम मंदिर में दर्शन कर भावुक हुए नेता। मंदिर की भव्यता और आध्यात्मिक अनुभव की सराहना।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में बुधवार को कर्नाटक कांग्रेस के विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। इस दौरान सभी नेताओं ने भगवान राम के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और मंदिर की भव्यता की सराहना की।
दर्शन के बाद जताई प्रसन्नता
कर्नाटक कांग्रेस विधायक टी.बी. जयचंद्र ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम के दर्शन करना उनके लिए अत्यंत भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्य दर्शन के बाद स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि अयोध्या और कर्नाटक के बीच गहरा सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध है। भगवान राम अयोध्या से जुड़े हैं, जबकि भगवान हनुमान का संबंध कर्नाटक से माना जाता है, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच विशेष जुड़ाव बनता है।
मंदिर की भव्यता की सराहना
विधायक ने राम मंदिर की वास्तुकला और निर्माण शैली की प्रशंसा करते हुए इसे अद्वितीय बताया। उन्होंने कहा कि मंदिर पारंपरिक डिजाइन और आधुनिक तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण है।प्रतिनिधिमंडल में शामिल करीब 15 विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने इस यात्रा को यादगार बताया और भविष्य में फिर से अयोध्या आने की इच्छा जताई।
कर्नाटक से जुड़ा विशेष संबंध
इस दौरान नेताओं ने रामलला की प्रतिमा के निर्माण में कर्नाटक के योगदान का भी उल्लेख किया। प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई प्रतिमा और उसमें उपयोग किए गए पत्थरों ने कर्नाटक और अयोध्या के बीच भावनात्मक संबंध को और मजबूत किया है।
यात्रा को बताया गर्व का क्षण
कर्नाटक कांग्रेस के एक अन्य विधायक अशोक पटन ने भी मंदिर की शिल्पकला और भव्यता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सभी सदस्यों के लिए गर्व और आध्यात्मिक अनुभव का अवसर रही।नेताओं के अनुसार, राम मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और एकता का प्रतीक भी है।