कानपुर में आग से झुलसी दुल्हन की अस्पताल में शादी कराई गई। नर्सों ने मंडप सजाया और दूल्हे ने बर्न वार्ड में मांग भरी। हादसे के बावजूद दोनों परिवारों ने रिश्ते को निभाने का फैसला लिया।
कानपुर। घाटमपुर में एक दर्दनाक हादसे के बाद ऐसी शादी देखने को मिली जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। शादी से ठीक एक दिन पहले मेहंदी रस्म के दौरान लगी आग में दुल्हन बुरी तरह झुलस गई थी, लेकिन हालात के बावजूद अस्पताल के बर्न वार्ड में ही उसकी शादी कराई गई। नर्सिंग स्टाफ, परिजनों और अस्पताल प्रशासन की मदद से वार्ड को मंडप की तरह सजाया गया और दूल्हे ने वहीं दुल्हन की मांग भरकर जीवनभर साथ निभाने का वादा किया।
हादसे ने बदल दी शादी की खुशियां
घाटमपुर के जगन्नाथपुर गांव में 13 मई की रात मेहंदी की रस्म चल रही थी, तभी गैस सिलेंडर लीक होने से घर में आग लग गई। देखते ही देखते पूरे घर में अफरा-तफरी मच गई।
इस हादसे में दुल्हन गरिमा सिंह समेत करीब 12 लोग झुलस गए। सभी को पहले सीएचसी और फिर कानपुर रेफर किया गया। डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए इलाज जारी रखा। शादी 14 मई को होनी थी, लेकिन हालात देखकर लगा कि इसे टालना पड़ेगा।

अस्पताल बना मंडप, भावुक हुआ माहौल
अब समझिए कहानी का सबसे भावुक पल। दूल्हा विकास सिंह और दोनों परिवारों ने फैसला लिया कि शादी टाली नहीं जाएगी।
नर्सिंग स्टाफ की मदद से मिशिका अस्पताल के बर्न वार्ड को फूलों से सजाया गया और उसे एक छोटे मंडप का रूप दिया गया। इसी माहौल में दूल्हे ने दुल्हन की मांग भरी और दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई।
दूल्हे ने कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, वह अपना वादा और रिश्ता दोनों निभाएगा।

नर्सिंग स्टाफ की मदद से पूरी हुई रस्में
अस्पताल प्रशासन और स्टाफ ने इस पूरी शादी को संभव बनाने में अहम भूमिका निभाई। मरीजों के इलाज के बीच ही वार्ड को सजाया गया और सीमित माहौल में रस्में पूरी कराई गईं।
मिशिका अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक दुल्हन की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। फिलहाल इलाज जारी है और कुछ दिनों बाद उसे डिस्चार्ज किया जा सकता है।