केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना जिले के म्याना सिविल अस्पताल में एचपीवी टीकाकरण अभियान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने घबराई बच्ची का हाथ पकड़कर उसे सर्वाइकल कैंसर से बचाव का टीका लगवाय
गुनाः मध्य प्रदेश में गुना जिले के म्याना स्थित सिविल अस्पताल में रविवार सुबह एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। टीकाकरण के लिए आई एक छोटी बच्ची इंजेक्शन से घबराई हुई थी, आंखों में डर साफ दिख रहा था। तभी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आगे बढ़कर उसका हाथ थाम लिया।
उन्होंने मुस्कुराते हुए बच्ची से कहा, 'डरो मत… कुछ नहीं होगा, मैं तो रोज इंजेक्शन लगवाता हूं।' बस, इतना सुनते ही बच्ची थोड़ी संभली और फिर उसे सर्वाइकल कैंसर से बचाव की एचपीवी वैक्सीन लगा दी गई। वहां मौजूद लोग भी यह दृश्य देख कुछ देर के लिए भावुक हो गए।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा
रविवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना जिले के म्याना क्षेत्र के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने सिविल अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ से बातचीत की, मरीजों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसी बीच टीकाकरण के लिए आई बच्चियों से भी उन्होंने मुलाकात की। एक बच्ची इंजेक्शन से घबराई हुई थी, तो सिंधिया खुद उसके पास पहुंचे और उसे समझाया। यह छोटा सा पल वहां मौजूद लोगों के लिए यादगार बन गया।
जिलेभर में चल रहा अभियान
दरअसल गुना जिले में इन दिनों सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार ऋषिश्वर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
अभियान के तहत 14 वर्ष तक की बच्चियों और छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन दी जा रही है, ताकि भविष्य में उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।
स्कूलों में भी दी जा रही जागरूकता
स्वास्थ्य विभाग केवल टीकाकरण ही नहीं कर रहा, बल्कि जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दे रहा है। मानस भवन के पास स्थित एक सरकारी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को एचपीवी टीकाकरण के महत्व और फायदे के बारे में बताया गया। विद्यालय प्रभारी शिक्षक नरेंद्र भारद्वाज और राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की काउंसलर रेखा शर्मा ने छात्राओं से बातचीत की, उनके सवाल सुने और शंकाओं का समाधान भी किया।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अगर जागरूकता बढ़ेगी तो टीकाकरण का दायरा भी तेजी से बढ़ेगा… और यही इस अभियान का असली मकसद है।