हरदा की ज्योति रात्रे ने मेक्सिको की पिको डी ओरिजाबा चोटी पर तिरंगा फहराकर इतिहास रचा। कठिन मौसम में 10 घंटे से अधिक संघर्ष कर उन्होंने बड़ी उपलब्धि हासिल की।
हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले की पर्वतारोही ज्योति रात्रे ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने मेक्सिको की ज्वालामुखी वाली पिको डी ओरिजाबा चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। इस सफलता के साथ वह तीन महाद्वीपों के सबसे ऊंचे ज्वालामुखियों पर पहुंचने वाली भारत की सबसे वरिष्ठ महिला बन गई हैं। इस उपलब्धि के बाद हरदा जिले में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें लगातार बधाइयां दे रहे हैं।
5636 मीटर ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा
मूल रूप से हरदा जिले के ग्राम कुकरावद की रहने वाली ज्योति रात्रे ने 30 मई 2026 को मेक्सिको स्थित 5636 मीटर ऊंची पिको डी ओरिजाबा चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया। यह चोटी उत्तरी अमेरिका का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी मानी जाती है और इसकी चढ़ाई पर्वतारोहियों के लिए बेहद कठिन मानी जाती है। इस उपलब्धि के साथ ज्योति रात्रे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है।
आधी रात से शुरू हुआ अंतिम संघर्ष
ज्योति रात्रे ने बताया कि उनकी अंतिम चढ़ाई 30 मई की रात 12:42 बजे शुरू हुई। अभियान के दौरान उन्हें माइनस 15 से माइनस 18 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान, तेज बर्फीली हवाओं और कठिन ग्लेशियरों का सामना करना पड़ा। लगभग 10 घंटे 28 मिनट तक लगातार संघर्ष करने के बाद उन्होंने सुबह 11:10 बजे शिखर पर पहुंचकर तिरंगा फहराया और देश का मान बढ़ाया।
भारत की सबसे वरिष्ठ महिला पर्वतारोही के नाम रिकॉर्ड
इस उपलब्धि के साथ ज्योति रात्रे ने एक और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम किया है। वह तीन महाद्वीपों के सबसे ऊंचे ज्वालामुखियों पर पहुंचने वाली भारत की सबसे वरिष्ठ महिला बन गई हैं। उनकी यह सफलता भारतीय पर्वतारोहण इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
ग्रामीण महिलाओं को समर्पित की उपलब्धि
ज्योति रात्रे ने अपनी इस उपलब्धि को ग्रामीण महिलाओं को समर्पित किया है। उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों के बावजूद अगर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मजबूत इच्छाशक्ति हो, तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है।
हरदा में खुशी का माहौल
इस ऐतिहासिक सफलता के बाद हरदा जिले में खुशी की लहर है। परिवार, स्थानीय लोग और शुभचिंतक इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि युवाओं और खासकर महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है।