Breaking News
  • पुणे में एयरफोर्स के विमान की हार्ड लैंडिंग: करीब 11 घंटे बंद रहा रनवे, 91 फ्लाइट्स कैंसिल
  • प्रधानमंत्री मोदी आज रात 8:30 बजे करेंगे राष्ट्र को संबोधित, बड़े एलान की संभावना
  • ‘डील करो वरना फिर बमबारी’, ईरान पर ट्रंप का सख्त अल्टीमेटम
  • IPL 2026: हैदराबाद में SRH बनाम CSK मुकाबला, दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान में
  • अमेरिका दौरे पर वायुसेना प्रमुख, F-15EX फाइटर जेट में भरी उड़ान
  • महिला आरक्षण विधेयक गिरने पर सियासत तेज, संसद सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

होम > प्रदेश > उत्तर प्रदेश

Jhansi Judge Gets Bomb Threat, Security Tightened

झांसी में जज को बम से उड़ाने की धमकी, कोर्ट परिसर से भेजी गई चिट्ठी; सुरक्षा कड़ी

झांसी में जज को बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र मिला। कोर्ट परिसर से भेजी गई चिट्ठी, पुलिस जांच में जुटी, सुरक्षा बढ़ाई गई।


झांसी में जज को बम से उड़ाने की धमकी कोर्ट परिसर से भेजी गई चिट्ठी सुरक्षा कड़ी

झांसी: उत्तर प्रदेश के Jhansi में न्यायिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। एससी-एसटी एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश Aditya Chaturvedi को बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र मिला है। यह घटना न्याय व्यवस्था की सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय मानी जा रही है, जिसके बाद प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड में आ गया है।

डाक से भेजी गई धमकी, 30 अप्रैल तक हमले की बात

जानकारी के अनुसार, 16 अप्रैल को जज को डाक के जरिए एक पत्र मिला, जिसमें 30 अप्रैल तक कोर्ट परिसर में बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि जज ने पूर्व में कुछ मामलों में सजा सुनाई थी, जिससे नाराज होकर यह धमकी दी गई। हालांकि पुलिस इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है।

कोर्ट परिसर के डाकघर से भेजा गया पत्र

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पत्र कचहरी परिसर स्थित डाकघर से भेजा गया था। पुलिस ने डाक पर लगी मुहर के आधार पर समय और स्थान की पहचान कर ली है। अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है, ताकि संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जा सके।

सुरक्षा बढ़ाई गई, जांच जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट परिसर, जज के आवास और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। Ariba Nauman ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह किसी शरारती तत्व की हरकत लग रही है, लेकिन सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के जरिए जल्द ही आरोपी की पहचान कर ली जाएगी। इस तरह की घटनाएं न्यायिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश मानी जाती हैं, इसलिए प्रशासन इसे गंभीरता से लेते हुए हर स्तर पर जांच कर रहा है।

Related to this topic: