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1000 करोड़ की कमीशनखोरी के आरोप में मंत्री सम्पतिया उइके बोलीं - मैं प्रताड़ित हूं, CM को है पूरी

1000 करोड़ की कमीशनखोरी के आरोप में मंत्री सम्पतिया उइके बोलीं - मैं प्रताड़ित हूं, CM को है पूरी जानकारी

1000 करोड़ की कमीशनखोरी के आरोप में मंत्री सम्पतिया उइके बोलीं - मैं प्रताड़ित हूं cm को है पूरी जानकारी

मध्यप्रदेश। जल जीवन मिशन में 1000 करोड़ रुपए की कमीशनखोरी के आरोप में मंत्री सम्पतिया उइके का बयान सामने आया है। उन्होंने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि, मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री को इस पूरे मामले की जानकारी है।

मंत्री सम्पतिया उइके ने स्पष्ट कहा कि, "वे जैसे चाहें जांच कर सकते हैं। मुझे कोई दिक्कत नहीं है। मैं एक गरीब मजदूर वर्ग से आती हूं और आज मैं जनता के लिए काम कर रही हूं...जिस तरह से मुझे परेशान किया जा रहा है वह बिल्कुल गलत है। मुख्यमंत्री को सब पता है। मैं बिलकुल सही हूं। सांच को आंच नहीं।

दरअसल, मंत्री संपतिया उइके पर करोड़ों रुपए की कमीशन लेने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में उन्हीं के लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग ने जांच के आदेश दिए। जांच की मांग संयुक्त क्रान्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक किशोर समरीते द्वारा की गई थी। किशोर समरीते का आरोप है जल जीवन मिशन के तहत केंद्र से मध्यप्रदेश को मिले 30 हजार करोड़ रुपए का दुरूपयोग किया गया है। इस मामले में PHE की मंत्री संपतिया उइके ने 1000 करोड़ रुपए की कमीशन ली है।

पूर्व विधायक किशोर समरीते ने 12 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री के नाम एक पत्र लिखा था। इस पत्र में कहा गया था कि, जल जीवन मिशन के तहत केंद्र से मध्यप्रदेश को मिले 30 हजार करोड़ रुपए के व्यय की जांच की जाए हुए इसी के साथ - साथ विभागीय मंत्री सम्पतिया उइके और उनके लिए पैसा इक्कट्ठा करने वाले कार्यपालन यंत्री मंडला की संपत्तियों की जांच की जाए।

इसके बाद 30 मई 2025 को एक पत्र के जरिए अपर सचिव मध्यप्रदेश ने यह मामला जांच के लिए कार्यालय प्रमुख अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को भेजा। जांच के लिए ENC - PHE ने मुख्य अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और परियोजना निदेशक एमपी जल निगम को पत्र लिखा।

पत्र में कहा कि, संयुक्त क्रान्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक किशोर समरीते की शिकायत और उनके द्वारा लिखे गए पत्र का अवलोकन करें। शिकायत के संबंध में तथ्यों की जाच करने के बाद सभी तथ्य 7 कार्यदिवस के अंदर भेजें। जांच में विभाग के प्रमुख अभियंता ने आरोपों को तथ्यहीन, मनगढ़ंत बताया है।

शिकायत में पूर्व ईएनसी बीके सोनगरिया पर भी आरोप है कि उन्होंने अपने अकाउंटेंट महेंद्र खरे के जरिए 2 हजार करोड़ का कमीशन लिया।

सोनगरिया का पिछले महीने कार्यकाल समाप्त हो चुका है। पीआईयू, जल निगम के डायरेक्टर जनरल और इंजीनियरों पर एक-एक हजार करोड़ का कमीशन लेने और बैतूल के कार्यपालन यंत्री पर 150 करोड़ रुपए बिना काम कराए ही निकालने के आरोप हैं। छिंदवाड़ा और बालाघाट के मुख्य अभियंता मैकेनिकल पर 2200 टेंडरों की बिना काम के राशि निकालने के आरोप हैं।

उधर, मंत्री उइके समेत अन्य अधिकारियों पर हजारों करोड़ रुपए का कमीशन लेने के आरोप सामने आने के 6 घंटे के भीतर ही प्रमुख अभियंता लोक संजय अंधवान ने जल जीवन मिशन के संबंध में प्राप्त शिकायत का परीक्षण कर तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने का दावा किया है। उनके अनुसार शिकायतकर्ता किशोर समरीते द्वारा लगाए गए सभी आरोप तथ्यहीन, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण हैं। शिकायत में कोई भी साक्ष्य संलग्न नहीं किए गए थे।

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