ईरान-इज़रायल-अमेरिका तनाव का असर भोपाल के बाजारों में दिखने लगा है। दाल, मसाले, ड्राई फ्रूट्स और खाद्य तेल महंगे हो रहे हैं, वहीं पैकेजिंग लागत भी बढ़ गई है जिससे शादी-ब्याह का खर्च बढ़ने की आशंका है।
भोपाल। मध्य पूर्व में चल रहे ईरान-इज़रायल-अमेरिका के बढ़ते तनाव का असर अब धीरे-धीरे भारत के स्थानीय बाजारों तक पहुंचने लगा है। राजधानी भोपाल के किराना और थोक बाजारों में कई खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने लगे हैं। व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात, सप्लाई रूट पर दबाव और कच्चे माल की लागत बढ़ने की वजह से कीमतों में यह उछाल देखने को मिल रहा है।
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री और कैट के पूर्व प्रवक्ता विवेक साहू के अनुसार, अभी यह बढ़ोतरी शुरुआती है लेकिन अगर हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे तो आने वाले हफ्तों में कीमतों में और बदलाव हो सकते हैं।
दालों के बाजार में दिख रही तेजी
भोपाल के थोक बाजार में दालों की कीमतों में भी हलचल दिखाई दे रही है। व्यापारियों के अनुसार कई दालों के भाव पिछले कुछ दिनों में बढ़े हैं।
दालों के भाव में बढ़ोतरी
हरी मूंग लगभग 100 रुपये प्रति क्विंटल तेज
मसूर करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ी
चना लगभग 150 रुपये प्रति क्विंटल महंगा
मूंग मोगर करीब 125 रुपये प्रति क्विंटल तेज
चना दाल में लगभग 100 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़त
तुअर दाल में 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ोतरी
व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार में मांग सामान्य है, लेकिन सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
मसालों में भी बढ़े रेट
मसालों के थोक व्यापारी अनिल कुकरेजा बताते हैं कि पिछले कुछ दिनों में मसालों के दाम भी ऊपर गए हैं। मिर्ची लगभग 50 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई है। वहीं, धनिया करीब 40 रुपये प्रति किलो महंगा हो गया है। कुकरेजा के अनुसार, आयात और ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ने से मसालों के बाजार में भी दबाव दिख रहा है।
ड्राई फ्रूट्स पर पड़ा सीधा असर
ड्राई फ्रूट्स के बाजार में सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। थोक व्यापारी किशोर राजदेव के अनुसार, कई ड्राई फ्रूट्स सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से ईरान के रास्ते भारत पहुंचते हैं।
ड्राई फ्रूट्स के बढ़े दाम
पिस्ता लगभग 250 रुपये प्रति किलो महंगा, अंजीर करीब 100 रुपये प्रति किलो बढ़ा है। वहीं, केसर करीब 20 हजार रुपये प्रति किलो तक तेज हो गई जबकि दालचीनी करीब 5 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई है। विवेक साहू का कहना है कि सप्लाई चैन प्रभावित होने से इन वस्तुओं के दामों पर असर पड़ना स्वाभाविक है।
कुछ चीजें सस्ती भी हुईं
बाजार में जहां कई चीजों के भाव बढ़े हैं, वहीं कुछ उत्पादों के रेट में गिरावट भी देखी गई है। इनमें खोपरा पाउडर करीब 50 रुपये प्रति किलो, मखाने लगभग 100 रुपये प्रति किलो और हरी इलायची करीब 200 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हुई है। व्यापारियों का कहना है कि यह बदलाव निर्यात और घरेलू मांग के उतार-चढ़ाव के कारण हुआ है।
क्रूड ऑयल महंगा, पैकेजिंग लागत बढ़ी
पैकेजिंग व्यापार से जुड़े मोतीलाल आडवाणी के अनुसार क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पैकेजिंग इंडस्ट्री पर भी पड़ा है। उनका कहना है कि कच्चा माल महंगा होने के कारण पैकेजिंग से जुड़े कई उत्पादों के दाम करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। खासकर प्लास्टिक से बने पैकेजिंग आइटम अब पहले की तुलना में ज्यादा महंगे हो चुके हैं।
खाद्य तेल बाजार में भी तेजी
खाद्य तेल के ब्रोकर रमाकांत तिवारी और खाद्य तेल एवं शक्कर संगठन के महामंत्री कृष्ण कुमार बांगड़ बताते हैं कि तेल के बाजार में भी पिछले दो हफ्तों में तेजी आई है। सोयाबीन तेल करीब 14 रुपये प्रति किलो, मूंगफली तेल का 15 लीटर जार 530 रुपए महंगा हुआ है। हालांकि गर्मी के मौसम में मांग कम होने के कारण सरसों तेल के रेट फिलहाल स्थिर बने हुए हैं।
शादी-ब्याह के खर्च पर भी पड़ेगा असर
विवेक साहू के मुताबिक भोपाल में इस समय शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है। ऐसे में कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता और खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से शादी समारोह का खर्च भी बढ़ सकता है। व्यापारियों का अनुमान है कि मौजूदा हालात जारी रहे तो शादियों का खर्च करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।