इंदौर में रंगपंचमी की पारंपरिक गेर को लेकर पुलिस ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था की है। राजवाड़ा में अस्थायी जेल, ड्रोन और 2500 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, पूरे मार्ग को छह सेक्टर में बांटा गया है।
इंदौरः मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में रंगपंचमी का मतलब सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं होता है। यह शहर की पहचान भी है। हर साल निकलने वाली पारंपरिक गेर और फाग यात्रा देखने के लिए हजारों लोग सड़कों पर उमड़ते हैं। इस बार भी तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन पुलिस ने साफ संकेत दे दिया है कि उत्सव होगा, मगर हुड़दंग नहीं चलेगा।
इसी को देखते हुए इंदौर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। राजवाड़ा क्षेत्र में पहली बार अस्थायी जेल बनाई गई है, ताकि गड़बड़ी करने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
2500 से ज्यादा पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद टोनी कॉर्नर से लेकर राजवाड़ा तक सुरक्षा व्यवस्था का रिहर्सल भी कराया गया। इस बार गेर के दौरान करीब 2500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें ट्रैफिक पुलिस, विशेष बल और दंगा नियंत्रण टीम भी शामिल है।
पूरे मार्ग को छह सेक्टर में बांटा
गेर और फाग यात्रा के मार्ग को इस बार छह सेक्टरों में विभाजित किया गया है। हर सेक्टर की निगरानी के लिए अलग अधिकारी जिम्मेदार होंगे। मार्ग पर 12 पुलिस सहायता मंच और 11 वॉच टावर बनाए गए हैं। इन टावरों पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास दूरबीन, कैमरे और पीए सिस्टम जैसे उपकरण रहेंगे। यहां से पूरे जुलूस और भीड़ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
इस बार तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरे मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से पुलिस अधिकारी पूरे आयोजन पर नजर रखेंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
हुड़दंगियों के लिए अस्थायी जेल
पुलिस ने साफ कर दिया है कि अगर कोई व्यक्ति गेर के दौरान गड़बड़ी करता है, तो उसे तुरंत पकड़कर अस्थायी जेल में रखा जाएगा। इसके अलावा जेल वाहन भी तैयार रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल और दंगा नियंत्रण उपकरण भी मौके पर भेजे जाएंगे।
सादे कपड़ों में भी रहेंगे पुलिसकर्मी
गेर के दौरान छेड़छाड़, महिलाओं से अभद्रता या जबरन रंग लगाने की शिकायतें कभी-कभी सामने आ जाती हैं। इस बार इसे रोकने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे। साथ ही स्नैचिंग और नशे में उत्पात मचाने वालों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें भी लगाई गई हैं।
सोशल मीडिया पर भी नजर
पुलिस सिर्फ सड़कों पर ही नहीं, इंटरनेट पर भी निगरानी रखेगी। फेसबुक, वाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अगर कोई भड़काऊ पोस्ट या संदेश सामने आता है तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।