इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमिपूजन हुआ। 20 हजार करोड़ निवेश और 1 लाख रोजगार की संभावना जताई गई। कार्यक्रम से पहले गेट गिरने से अफरातफरी भी मच गई।
इंदौर। मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमिपूजन किया। नैनोद गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रोजेक्ट के पहले चरण की शुरुआत हो गई। इस कॉरिडोर को राज्य की सबसे अहम औद्योगिक परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है।
हालांकि कार्यक्रम से पहले एक हादसे ने हल्की अफरातफरी भी पैदा कर दी, जब आयोजन स्थल का मुख्य गेट अचानक गिर गया।
निवेश से 1 लाख रोजगार का लक्ष्य
इस परियोजना से करीब 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है। सरकार का दावा है कि इससे लगभग 1 लाख नए रोजगार के अवसर बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉरिडोर इंदौर को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम से पहले गेट गिरने से मची हलचल
मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले आयोजन स्थल पर लगा मुख्य प्रवेश द्वार अचानक गिर गया। इस घटना से मौके पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्रेन की मदद से गेट को हटवाया और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद कार्यक्रम सामान्य रूप से जारी रहा।
किसानों की सहमति से आगे बढ़ा प्रोजेक्ट
सीएम ने बताया कि यह प्रोजेक्ट पहले भूमि अधिग्रहण विवादों के कारण अटका हुआ था। बाद में मुआवजा राशि बढ़ाकर 50% से 70% किए जाने के बाद किसानों ने सहमति दी। इसके बाद यह परियोजना अब जमीन पर उतर सकी है। सरकार का कहना है कि इससे स्थानीय लोगों को भी सीधा फायदा मिलेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा कॉरिडोर
प्रस्तावित कॉरिडोर में कई आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसमें मल्टी-लॉजिस्टिक हब, आईटी और फिनटेक जोन, ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल एरिया और डेटा सेंटर शामिल होंगे। इसके अलावा ऑटो क्लस्टर, सेमीकंडक्टर यूनिट्स और बिजनेस जोन भी विकसित किए जाएंगे। यह पूरा क्षेत्र भविष्य के औद्योगिक हब के रूप में तैयार किया जाएगा।
इंदौर की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर
सरकारी अनुमान के मुताबिक इस परियोजना के बाद इंदौर की जीडीपी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। वर्तमान में शहर की जीडीपी लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये है, जो भविष्य में 2.70 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है। सरकार इसे प्रदेश के औद्योगिक भविष्य के लिए गेमचेंजर प्रोजेक्ट मान रही है।