इंदौर मेट्रो के विस्तार की प्रक्रिया शुरू हुई। 80 किमी/घंटा पर सफल ब्रेक टेस्ट, सीएमआरएस निरीक्षण पूरा। जल्द 17 किमी रूट पर मेट्रो संचालन शुरू होने की संभावना।
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक नगरी इंदौर में मेट्रो के विस्तार का इंतजार अब लगभग खत्म होने की कगार पर है। शहर की सड़कों पर ट्रैफिक से जूझते लोगों के लिए ये खबर राहत देने वाली है, क्योंकि मेट्रो अब सिर्फ प्रोजेक्ट नहीं, हकीकत बनने के बिल्कुल करीब आ गई है। मंगलवार को मेट्रो ने अपनी रफ्तार और सुरक्षा दोनों का दम दिखाया। 80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर मेट्रो को दौड़ाया गया और ब्रेक टेस्ट भी सफल रहा। बता दें कि ये वही टेस्ट है जो तय करता है कि मेट्रो सफर के लिए कितनी सुरक्षित है।
80 की रफ्तार पर दौड़ी मेट्रो
सीएमआरएस (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी) की टीम ने मेट्रो को सुपर कॉरिडोर पर स्टेशन नंबर-2 से रेडिसन चौराहा तक कई बार दौड़ाया।
कैसे हुआ परीक्षण?
मेट्रो को पहले 80 किमी/घंटा की स्पीड तक पहुंचाया गया। फिर अचानक ब्रेक लगाकर उसकी क्षमता जांची गई। इस प्रक्रिया को कुल चार बार दोहराया गया। शाम से लेकर रात तक चले इस टेस्ट में हर बार मेट्रो ने संतुलन और सुरक्षा दोनों में अच्छा प्रदर्शन किया, जो अधिकारियों के लिए सकारात्मक संकेत है।
CMRS का सर्वे पूरा, अब NOC का इंतजार
इस पूरे निरीक्षण की अगुवाई सीएमआरएस नीलाभ्र सेनगुप्ता ने की। वे अपनी टीम के साथ इंदौर पहुंचे थे और तीन दिन में पूरा रूट कवर कर लिया। मेघदूत, विजयनगर और रेडिसन चौराहा जैसे प्रमुख स्टेशनों पर टीम ने करीब एक-एक घंटा बिताया।
किन-किन चीजों की जांच हुई?
इंदौर मेट्रो के विस्तार को गति देने के लिए एंट्री-एग्जिट गेट, लिफ्ट और एस्केलेटर, पार्किंग और स्टेशन रूम, दिव्यांगों के लिए सुविधाएं, कंट्रोल कमांड सेंटर और सिग्नल सिस्टम की जांच हुई। इतना ही नहीं, एमआर-10 स्थित इलेक्ट्रिक सब स्टेशन और डिपो के स्टेबलिंग यार्ड की भी बारीकी से जांच की गई।
17 किमी रूट पर जल्द दौड़ेगी मेट्रो
अभी तक इंदौर में करीब 6 किलोमीटर के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो का संचालन शुरू हो चुका है। अब स्टेशन नंबर-2 से रेडिसन चौराहा तक लगभग 11 किलोमीटर के हिस्से का निरीक्षण पूरा हो गया है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो एनओसी मिलने के बाद कुल 17 किलोमीटर लंबे रूट पर मेट्रो दौड़ने लगेगी।
कब से शुरू होगा सफर?
संभावना जताई जा रही है कि 26 मार्च के बाद मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू किया जा सकता है। हालांकि अंतिम फैसला सीएमआरएस की रिपोर्ट और एनओसी पर निर्भर करेगा।