भारत और GCC के 6 देशों के बीच FTA वार्ता शुरू हुई है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह दोनों पक्षों के लिए लाभकारी होगा। व्यापार, ऊर्जा और निवेश को मिलेगा बड़ा बढ़ावा।
नई दिल्ली। यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ अहम व्यापार समझौते तय करने के बाद भारत अब खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गुरुवार को भारत और जीसीसी के छह सदस्य देशों के बीच इस समझौते को लेकर औपचारिक बातचीत शुरू करने पर सहमति बन गई है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और जीसीसी देशों ने टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही एफटीए को लेकर औपचारिक वार्ता का रास्ता साफ हो गया है।
खाड़ी सहयोग परिषद में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान शामिल हैं। भारत पहले ही यूएई के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता कर चुका है, जबकि ओमान के साथ 2025 में मस्कट में सीईपीए साइन हुआ था।
पहले भी हो चुकी थी बातचीत
दरअसल, भारत और जीसीसी के बीच एफटीए वार्ता कोई नई पहल नहीं है। इससे पहले 2006 और 2008 में भी बातचीत हुई थी, लेकिन जीसीसी की ओर से अन्य देशों और आर्थिक समूहों के साथ वार्ता स्थगित किए जाने के कारण तीसरा दौर आगे नहीं बढ़ सका था। अब एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू होने की उम्मीद है।
इस समझौते से भारत को ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बड़ा फायदा मिल सकता है। भारत सऊदी अरब और कतर जैसे देशों से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस आयात करता है, जबकि इन देशों को भारत मोती, कीमती पत्थर, धातु, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, लोहा-इस्पात और रसायन निर्यात करता है।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का जीसीसी देशों को निर्यात बढ़कर करीब 57 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि आयात 15 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 121.7 अरब डॉलर हो गया। व्यापार के साथ-साथ इस समझौते से निवेश और सेवाओं के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
दोनों पक्षों के लिए होगा लाभकारी
खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। अनुमान के मुताबिक करीब 3.2 करोड़ प्रवासी भारतीयों में से लगभग आधे जीसीसी देशों में काम कर रहे हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करेगा।