1 करोड़ रिश्वत मांगने के आरोप में सस्पेंड IAS अभिषेक प्रकाश को करीब एक साल बाद यूपी सरकार ने बहाल कर दिया। STF जांच के बाद कार्रवाई हुई थी, लेकिन शिकायतकर्ता के बयान बदलने से मामला खत्म हो गया।
लखनऊ। करीब एक साल तक निलंबित रहने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को बहाल कर दिया है। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने करीबी कर्मचारी के जरिए एक बिजनेसमैन से सोलर प्रोजेक्ट की मंजूरी के बदले 1 करोड़ रुपये कमीशन मांगा था। इस मामले में शिकायत सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची थी, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए थे।
STF जांच के बाद हुआ था सस्पेंशन
मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स को सौंपी थी। जांच के दौरान एसटीएफ ने 20 मार्च 2025 को बाबू निकांत जैन को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप था कि वह आईएएस अधिकारी के कहने पर बिजनेसमैन से रिश्वत की मांग कर रहा था।
पूछताछ में निकांत जैन ने यह भी स्वीकार किया था कि वह कमीशन मांगने के लिए अभिषेक प्रकाश के निर्देश पर काम कर रहा था। इसके बाद सरकार ने अभिषेक प्रकाश को निलंबित कर दिया था।
बिजनेसमैन ने योगी से की थी शिकायत
दरअसल, निवेशक विश्वजीत दत्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि उनकी कंपनी SEAL Solar P6 Private Limited उत्तर प्रदेश में सोलर सेल और उससे जुड़े उपकरण बनाने की यूनिट लगाना चाहती थी। इसके लिए उन्होंने इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से आवेदन किया था।
दावा किया गया कि मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान एक अधिकारी ने उन्हें निकांत जैन का नंबर दिया और कहा कि अगर उससे बात कर ली जाए तो फाइल जल्दी पास हो सकती है। बिजनेसमैन के मुताबिक जब उन्होंने जैन से संपर्क किया तो उसने करीब 5 प्रतिशत यानी लगभग 1 करोड़ रुपये कमीशन की मांग की।
शिकायत से मुकर गए बिजनेसमैन
इस मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब इसी साल 10 फरवरी को सुनवाई के दौरान बिजनेसमैन विश्वजीत दत्ता अपने बयान से मुकर गए। उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में कहा कि शिकायत उन्होंने गलतफहमी में दर्ज कराई थी। इसके बाद अदालत ने मामला रद्द कर दिया। यही वह मोड़ था जिसके बाद से अभिषेक प्रकाश की बहाली की चर्चा तेज हो गई थी।
जल्द मिल सकती है अहम पोस्टिंग
सूत्रों के मुताबिक, बहाली के बाद अभिषेक प्रकाश को जल्द ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। कहा जा रहा है कि वे प्रदेश के दो प्रभावशाली आईएएस अधिकारियों के करीबी माने जाते हैं, जिनमें एक सेवानिवृत्त और एक मौजूदा अधिकारी शामिल हैं। इसी वजह से उन्हें जल्द ही प्राइम पोस्टिंग मिलने की संभावना जताई जा रही है।