भोपाल के हमीदिया अस्पताल में 17 मार्च से ह्यूमन मिल्क बैंक शुरू होगा। इसके बाद एम्स और जेपी अस्पताल के साथ भोपाल सेंट्रल इंडिया का पहला शहर बनेगा जहां तीन सरकारी मिल्क बैंक होंगे।
भोपाल। नवजात शिशु के लिए मां का दूध किसी अमृत से कम नहीं माना जाता। इसमें मौजूद पोषक तत्व और एंटीबॉडी बच्चे को शुरुआती संक्रमणों से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन कई बार बीमारी या अन्य कारणों से मां अपने नवजात को स्तनपान नहीं करा पाती, ऐसे में बच्चों को वैकल्पिक दूध देना पड़ता है। इसी जरूरत को देखते हुए राजधानी में ह्यूमन मिल्क बैंक सुविधा का विस्तार किया जा रहा है। एम्स और जेपी अस्पताल के बाद अब 17 मार्च से हमीदिया अस्पताल में भी ये दूध मिलने लगेगा।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस मिल्क बैंक के शुरू होते ही भोपाल देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां तीन सरकारी ह्यूमन मिल्क बैंक उपलब्ध होंगे। हमीदिया अस्पताल में मिल्क बैंक शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यहां सिविल वर्क तेजी से चल रहा है। अगले लगभग 10 दिनों में इसके पूरा होने की संभावना है। इसके बाद आवश्यक मशीनें और उपकरण स्थापित कर मिल्क बैंक को शुरू कर दिया जाएगा।
इन अस्पतालों में है ये सुविधा
अधिकारियों के मुताबिक इसी माह यह सुविधा शुरू करने की योजना है, जिससे नवजात शिशुओं को समय पर मां के दूध का लाभ मिल सके। बता दें कि अभी तक ये सुविधा एम्स भोपाल और जेपी अस्पताल में है। हमीदिया अस्पताल में मिल्क बैंक शुरू होने से भोपाल मध्य भारत का पहला शहर बन जाएगा, जहां तीन सरकारी अस्पतालों में ह्यूमन मिल्क बैंक की सुविधा उपलब्ध होगी।
क्या बोले डॉक्टर
हमीदिया अस्पताल की अधीक्षक डॉ सुनीत टंडन के अनुसार, किसी भी अस्पताल में ह्यूमन मिल्क बैंक तभी खोला जा सकता है। जब वहां हर साल 10 हजार से अधिक डिलीवरी होती हों। इसके लिए केंद्र स्तर से अनुमति मिलती है। डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाता है। हमीदिया अस्पताल में हमने सभी प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया है। जल्द ही यहां मिल्क बैंक शुरू कर दिया जाएगा।